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नप क्षेत्र का विस्तार कर बाहरी लोगों को बसाने की हो रही तैयारी:विधायक

3 वर्ष पहले
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नप क्षेत्र में पुन: 13 गांव को शामिल करने व शहर का विस्तारीकरण की सरकार की योजना के विरोध में गुमढ़ा पीड़ के कमरहातु गांव में ग्राम मुंडा बिरसा देवगम की अध्यक्षता मेें एक विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक को संबोधित करते हुए गुमढ़ा पीड़ के मानकी दलपत देवगम ने कहा कि तेरह गांव को पुन: नप क्षेत्र में शामिल करने से कई तरह के टैक्स का बोझ बढ़ेगा। साथ ही कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने व घर व खलिहान आदि बनाने से पूर्व अनुमति लेनी पड़ेगी। हम अपने पारंपरा के अनुसार शव को अपने घर आंगन में नहीं दफना सकेंगे। हम आदिवासियों की रीति रिवाज, पारंपरा, दस्तूर, रूढ़ी प्रथा, भाषा अस्मिता व आदिवासियत की पहचान ही समाप्त हो जाएगी। इस तरह से हमारा स्वतंत्रता समाप्त हाे जाएगा। सदर विधायक दीपक बिरूवा ने कहा कि वर्तमान सरकार से आदिवासी शब्द से ही पेट में मरोड़ व दर्द शुरू हो जसता है। यही वजह है कि हमें वनवासी कहती है। आदिवासियों को मिटाने पर भाजपा सरकार तुली हुई है। साथ ही हमारे समाज काे नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से विकास के नाम पर संवैधानिक ग्राम सभा के समानांतर ग्राम विकास समिति का गठन कर रही है। ताकि लोग आपस में लड़ें।

नप क्षेत्र में 13 गांव काे शामिल किए जाने के विरोध में बैठक करते ग्रामीण।

एकजुट होकर विरोध करने की अपील

विधायक ने कहा कि यहां बड़े बड़े उद्योग स्थापित करने के बाद चाईबासा नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार कर बाहरी लोगों को बसाने के लिए स्मार्ट सिटी और मेगा सिटी बनाने जैसी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी अस्तित्व बचाने के लिए एकजुट होकर इसका कड़ा विरोध करना चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में आदिवासियों की पहचान ही समाप्त हो जाएगी। इस बैठक को धनुर्जय देवगम,दूधनाथ तिउ,गोविंद पुरती,दीनबंधु देवगम, बिरसा देवगम ने भी बैठक को संबोधित किया। बैठक में काफी संख्या में ग्राम मुंडा मानकी,डाकुवा व ग्रामीण मौजूद थे।

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