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नप चुनाव में प्रत्याशियों का सही चयन नहीं होने के कारण हारी कांग्रेस पार्टी
कांग्रेस की जिला कार्यसमिति ने नगर पर्षद चुनाव में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर पार्टी प्रत्याशी की हार की समीक्षा की। बैठक शुरू होते ही कुछ कार्यकर्ता प्रत्याशियों के हार के लिए जिलाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराने लगे। ही आगामी चुनाव अभियान समिति की चेयरमैन चांदमनी बालमुचू व संयोजक अंबर राय चौधरी को बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने पर हंगामा भी किया। हंगामें के बीच पार्टी जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकू ने नगर पार्षद चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों की हुई हार की नैतिक जिम्मेदारी लेने की घोषणा की। उन्होंने माना कि प्रत्याशी का सही चयन नहीं होने के कारण पार्टी को नप चुनाव में इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा। आगामी चुनाव में ऐसी गलती न हो इसके लिए सजग रहना होगा। समीक्षा के क्रम में ही जिलाध्यक्ष ने कहा कि सभी प्रखंड अध्यक्ष अपने प्रखंडों प्रखंड मुख्यालय में प्रखंड कमेटी के नेतृत्व में जन समस्यओं के समाधान के लिए प्रखंड मुख्यालय में कार्यक्रम तय करें। साथ ही राज्य की भाजपा सरकार द्वारा संविधान प्रदत्त ग्राम सभा का अनादर कर गैर कानूनी तरीके से ग्राम विकास समिति का गठन कर इस समिति को राशि देने की घोषणा का विरोध करें। वहीं जिले को खुले में शौचमुक्त करने की घोषणा का भी विरोध करें। इस अवसर पर मुख्य रूप से महिला कांग्रेस की जयारानी पड़ेया, आदिवासी कांग्रेस के चेयरमैन महेंद्र जमुदा, मनरेगा कांग्रेस के संयोजक बीएन पूर्ति, सेवा दल के मुख्य संगठक नीरज कुमार झा, पूर्व नप अध्यक्ष नीला नाग, सुनीत शर्मा, डॉ नंदलाल गोप, अंसार अहमद, गोविंद महतो, भगवान सिंकु, राजेंद्र पूर्ति तुराम बिरुली, संजय बिरुली, मांगू हो, रामजी शर्मा आदि मौजूद थे।
जन समस्याओं के खिलाफ बनें जनता की आवाज
बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को जन समस्या के निदान के लिए सतत प्रय|शील रहने का आह्वान किया। इसके लिए जनता की आवाज बनना होगा। वहीं कई जन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मुद्दे भी सुझाए गए। इसमें जिले के सभी गांव में रहने वाली जनता को डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड से पेयजल आपूर्ति कराना। प्रखंडों में विद्युत आपूर्ति शीघ्र शुरू कराने की मांग करना। वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन,जाति प्रमाण पत्र व राज्य सरकार के सभी विभाग में शीघ्र नियुक्ति की मांग करना। जिले के सेल, टाटा स्टील, एसीसी, मनरेगा कर्मियों को समय पर मजदूरी भुगतान कराना। राशन वितरण में अनियमितता को रोकने के लिए आवाज उठाना केरोसिन के दाम कम कराने के लिए आवाज उठाना आदि।