3 माह में भी पूरी नहीं हो सकी घोटाले की जांच
केयू व उसके कॉलेजों में हाल के दिनों में हुए अलग अलग घोटाले की जांच व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन केयू द्वारा गठित जांच कमेटी दो से तीन महीने से जांच कर रही है। लेकिन अभी तक इस जांच की रिपोर्ट नहीं सामने आया है। इससे छात्र संगठन इन घोटालों पर जांच का परदा डालने का आरोप कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगा रहे हैं। मालूम हो कि सबसे पहले केयू में पीएचडी घोटला प्रकाश में आया था। इसकी जांच के लिए मार्च में ही कुलपति ने प्रोवीसी के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। लेकिन अभी तक यह टीम जांच पूरी नहीं कर पायी है। इसके बाद कोऑपरेटिव, एबीएम व वर्कर्स कॉलेज में भवन निर्माण घोटाला प्रकाश में आया।
कंप्यूटर व किताब घोटाले पर भी जांच टीम चुप
वहीं कोऑपरेटिव में दो माह पहले बने कंप्यूटर लैब व किताबत खरीदारी में हुए घोटाले की जांच भी एक सप्ताह पहले ही जांच टीम ने पूरी कर ली है। लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हुई। जबकि जांच के दौरान टीम के पदाधिकारियों ने खुद इसमें गड़बड़ी की बात स्वीकार्य की थी। ऐसे में छात्र संगठन अब जांच टीम पर ही सवाल खड़ा कर रहे हैं।