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पुरानी दर पर जलापूर्ति योजना का काम नहीं करेगा ठेकेदार, नया टेंडर होगा

3 वर्ष पहले
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नगर पर्षद के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ठाकुर ने सोमवार को नयी शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा की। साथ ही अपने कार्यालय कक्ष में योजना के संवेदक एसएमएस पर्यावरण लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर एसएन आर्या, नप कार्यपालक पदाधिकारी कुमार नरेंद्र नारायण, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभू दयाल मंडल व कनीय अभियंता के साथ योजना की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि विभाग व बैंक कंपनी को सपोर्ट नहीं कर रहा है। पुराने रेट पर काम नहीं हो पा रहा है। कंपनी पर नोटबंदी का असर पड़ा है और यह दिवालिया हो चुकी है। बैंक अब लोन भी नहीं दे रहा है। ऐसे में काम करना कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी कंपनी जितना काम हो पाता है, उसे करवाने के बाद कंपनी अपने सामानों को बेचकर यहां से चली जाएगी। उन्होंने नप अध्यक्ष व कार्यपालक अभियंता से योजना को रिसाईन कराने की मांग की। इस पर नप अध्यक्ष ने कहा कि अब आपको रिसाइन नहीं किया जाएगा। यदि रिसाइन किया जाता है और फिर लंबे समय तक जनता को पानी की समस्या झेलनी होगी। यह कहीं से उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बैंक सपोर्ट नहीं कर रहा है तो नप कहां जिम्मेदार है। इसके यह मसला आपकी कंपनी और बैंक का है। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता है। नप को सिर्फ जनहित की इस योजना को धरातल पर लाने की फिक्र है। नप अध्यक्ष ने कहा कि कंपनी पिछले पांच साल से योजना पर काम कर रही है, लेकिन अवधि बीतने के बाद भी लोगों तक इस योजना का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लिहाजा उन्होंने कार्यपालक अभियंता को संवेदक से लिखित लेकर पुन: टेंडर की तैयारी करने का निर्देश दिया।

शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा करते नप अध्यक्ष व पदाधिकारी।

भास्कर न्यूज| चाईबासा

नगर पर्षद के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ठाकुर ने सोमवार को नयी शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा की। साथ ही अपने कार्यालय कक्ष में योजना के संवेदक एसएमएस पर्यावरण लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर एसएन आर्या, नप कार्यपालक पदाधिकारी कुमार नरेंद्र नारायण, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभू दयाल मंडल व कनीय अभियंता के साथ योजना की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि विभाग व बैंक कंपनी को सपोर्ट नहीं कर रहा है। पुराने रेट पर काम नहीं हो पा रहा है। कंपनी पर नोटबंदी का असर पड़ा है और यह दिवालिया हो चुकी है। बैंक अब लोन भी नहीं दे रहा है। ऐसे में काम करना कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी कंपनी जितना काम हो पाता है, उसे करवाने के बाद कंपनी अपने सामानों को बेचकर यहां से चली जाएगी। उन्होंने नप अध्यक्ष व कार्यपालक अभियंता से योजना को रिसाईन कराने की मांग की। इस पर नप अध्यक्ष ने कहा कि अब आपको रिसाइन नहीं किया जाएगा। यदि रिसाइन किया जाता है और फिर लंबे समय तक जनता को पानी की समस्या झेलनी होगी। यह कहीं से उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बैंक सपोर्ट नहीं कर रहा है तो नप कहां जिम्मेदार है। इसके यह मसला आपकी कंपनी और बैंक का है। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता है। नप को सिर्फ जनहित की इस योजना को धरातल पर लाने की फिक्र है। नप अध्यक्ष ने कहा कि कंपनी पिछले पांच साल से योजना पर काम कर रही है, लेकिन अवधि बीतने के बाद भी लोगों तक इस योजना का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लिहाजा उन्होंने कार्यपालक अभियंता को संवेदक से लिखित लेकर पुन: टेंडर की तैयारी करने का निर्देश दिया।

ग्वाला पट्‌टी में पानी का संकट ज्यादा

उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को बताया कि ग्वाला पट्‌टी में पिछले 20 साल से सप्लाई वाटर नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोग पानी के लिए त्राहि- त्राहि कर रहे हैं। इसपर कार्यपालक अभियंता ने जाम पाइप को दुरूस्त कर जल्द वाटर सप्लाई करने का भरोसा दिलाया। कार्यपालक अभियंता ने कहा कि नीमडीह क्षेत्र के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए महुलसाई में बन रहे जलमीनार को जल्दी ही पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद इस क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस पर नप अध्यक्ष ने युद्ध स्तर पर इस काम को पूरा करने का निर्देश दिया।

एजेंसी से लिखित लेकर ठेका करें कैंसिल

नप अध्यक्ष ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता व नप के कार्यपालक पदाधिकारी नयी शहरी जलापूर्ति योजना की कार्यकारी एजेंसी से असमर्थता पत्र लिखित रूप से लेकर ठेका रद्द कराने का निर्देश दिया। साथ ही नए सिरे से जल्द टेंडर कर शेष बचे 20 फीसदी काम को पूरा कराने को कहा।

पुरानी दर काम नहीं कर पाएगी कंपनी: मैनेजर

कंपनी द्वारा पहले ही अधिकारियों को लिखा जा चुका है कि भुगतान फंसा है और कंपनी का बैंक क्रफ्ट हो गया है। बैंक एकाउंट भी एमटी हो गया है। कंपनी की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। ऐसे में पुराने दर पर काम नहीं हो पाएगा।- एसएन आर्या, प्रोजेक्ट मैनेजर

अनुमति मिलते ही जल्द शुरू होगी टेंडर की प्रक्रिया

कंपनी दिवालिया हो चुकी है। ऐसे में नया टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों से अनुमति ली जाएगी। नया टेंडर निकालने का प्रोसेस शुरू कर दिया जाएगा। शहर में 20 किमी तक पाइप नहीं बिछ सकी है। दो जलमीनार व जैक पुशिंग का काम भी अधूरा है।- प्रभू दयाल मंडल, ईई

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