प्रखंड क्षेत्र के बंदुआ ग्राम निवासी रहमान मियां प्रखंड व अंचल कार्यालय का चक्कर एक वर्ष से लगातार काट रहा है। यह दोनों पैर से पूरी तरह से विकलांग है। इसके पुत्र अरमान मियां 13 वर्ष को पैर में कैंसर हो गया है। जिस के इलाज के लिए जाति प्रमाण पत्र आवास प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। रहमान मियां का कहना है कि वह पहले भी ऑनलाइन आवेदन किया था। परंतु प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। जब प्रज्ञा केंद्र में जाता है तो वहां कहते है कि कर्मचारी से लिखवाकर लाओ तभी प्रमाण पत्र बनेगा।
रहमान मियां भरी दुपहरी में चिलचिलाती धूप में प्रतिदिन अंचल कार्यालय का चक्कर काट रहा है। परंतु उसे कोई पदाधिकारी नहीं मिलते उसका कहना है कि कभी फोन पर तो बात हुई, तो कहते हैं कि कार्यालय आओ, कार्यालय आते हैं तो कहते हैं कि डेरा आओ।
रहमान मियां ट्राई साइकिल चलाने में भी सक्षम नहीं है। उसके साथ उसकी प|ी जोहरा बीबी भी रिक्शा को धक्का देते चलती है। रहमान मियां का कहना है कि मेरे पुत्र का इलाज कराना जरूरी था। लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण इलाज में भी देरी होती जा रही है। उसका पुत्र अरमान मियां राजकीय मध्य विद्यालय बंदुआ के कक्षा चार का छात्र है। रहमान मियां के चेहरे पर निराशा छाई हुई है कि कब मेरा प्रमाण पत्र बनेगा और मेरे पुत्र का इलाज संभव हो पाएगा।
अपनी दुखडा बताता बंदुआ ग्राम निवासी रहमान मियां व उसकी प|ी।