पूसालोटा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का रास्ता साफ
चक्रधरपुर शहरी जलापूर्ती योजना के लिए पूसालोटा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनना है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर पूसालोटा के ग्रामीण इसका विरोध कर रहे थे। इसे लेकर शुक्रवार को ग्रामीण मुंडा रामदेव कोड़ाह की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में जमीन पर मालिकाना हक बताने वाले मोती माझी व अन्य ग्रामीणों की बात सुनी गई। जिसमें मोती माझी द्वारा बताये गये जमीन के कागजातों को अंचलाधिकारी अमर जॉन आइंद द्वारा मांग गया। मोती द्वारा सही कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर अंचलाधिकारी ने कहा कि गैर मजरूवा जमीन सरकार की होती है। ऐसे में इस पर दावा करना पूरी तरह से गलत है। वहीं अन्य ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग वर्षों से यहां रहते आ रहे हैं। इस पर सहमति बनी की जो लोग आवास बना कर रह रहे हैं। उनको जमीन का पट्टा दिनाने की कोशिश की जाएगी। वहीं नगर परिषद अध्यक्ष केडी साह ने लोगों को समझाया। इस पर ग्रामीण राजी हुए और शनिवार को जमीन मापी कर दोबारा रविवार को बैठक करने का फैसला लिया गया। मौके पर कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार, जुसको डिप्टी चीफ मैनेजर एसके श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।