बंगाली समुदाय ने सुबह में निकाली फेरी, शाम में सजा सुरों का संगम
पोइला बैशाख में बंगाली समुदायवाले इलाकों में उत्सव का माहौल है। सुबह से लेकर शाम तक कई आकर्षक कार्यक्रम हो रहे हैं। इस मौके पर बंगाली एसोसिएशन की ओर से दो दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया है। पोइला बैशाख के पहले दिन शाम को बंगाली एसोसिएशन के दुर्गा मंडप में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्ष्मण गिलुआ मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने लोगों को नये वर्ष की शुभेच्छा दिया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुरुआत की। इसके बाद छोटे बच्चों के द्वारा बंगाली गीत मायना छलक छलक, व समीर मुखर्जी एण्ड टीम के द्वारा ऐना नैना धोरे रे प्रस्तुत कर देर रात तक समा बांधे रखा। वहीं अन्य स्थानीय कलाकारों के द्वारा भी कई बंगला गीत की प्रस्तुति दी गई। रविवार की सुबह में बंगाली समुदाय के द्वारा दुर्गा मंदिर परिसर में पहिला बैशाख, बंगला नव वर्ष के अवसर पर दुर्गा में मंदिर के पुजारी सुकुमार मुखर्जी के द्वारा पूजा अर्चना की गई।
पोइला बैशाख पर सुबह से लेकर शाम तक शहर में कई कार्यक्रम, बंगाली एसोसिएशन के दुर्गा मंडप में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद भी पहुंचे
जेसिका एंड टीम ने दी बेहतर प्रस्तुति
नववर्ष पर नृत्य करतीं युवतियां व महिलाएं।
बंगाली नववर्ष के कार्यक्रम में शामिल लोग।
श्रीकांत मजूमदार, प्रवीर प्रमाणिक, प्रदीप मुखर्जी,विनय वर्मन, बासु भट्टाचार्य, तारक सेन, प्रवीर सेन, सुमित चौधरी, संगीता राय, लीना देव, सीमा धोष, माधुरी धोष, अनंया घोषाल, पवन शंकर पांडे, ललित गिलुआ, भास्कर सरकार व अन्य।
कार्यक्रमों के आयोजन में इनका रहा योगदान
जी टीवी के कलाकारों ने बांधा समां
पोइला बैशाख की सुबह टोटो गाड़ी व बाईक से प्रभात फेरी निकाली गई। जो बंगाली एसोसिएशन दुर्गा मंदिर परिसर से निकल कर स्टेशन रोड के रास्ते होते हुए पांच मोड, भारत सेवा सदन, आई कॉलोनी, ईतवारी बाजार, होते हुए वापस दुर्गा मंदिर पहुंची। इसके बाद मंदिर परिसर में पौधा रोपण किया गया। इस दौरान प्रभात फेरी में स्टेशन, पांच मोड, व राम कृष्ण सेवा सदन परिसर में बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया।प्रभात फेरी के दौरान राम कृष्ण सेवा सदन परिसर जलपान की व्यवस्था की गयी थी। रविवार की शाम को सात बजे से जी टीवी के सिंगर जेसीका एण्ड टीम के द्वारा भी हिंदी गीतों की रंगारंग कार्यक्रम पेश की गई। इस दौरान बंगाली समुदाय के लोग हजारों की तादाद में कार्यक्रम में मौजूद रहे।