वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन नहीं देंगे ग्रामीण
मंगलवार को पुसालोटा गांव में ग्राम मुंडा रांदो कोड़ाह की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें आदिवासी हो समाज युवा महासभा से राहुल बोयपाई उपस्थित थे। बैठक में शहरी जलापूर्ति योजना के तहत पुसालोटा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर चर्चा हुई। इसमें सर्वसम्मति से ग्रामीणों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि नगर परिषद के अध्यक्ष केडी साह और अंचलाधिकारी अमर जॉन आईंद आदिवासियों को ठगने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सीओ का कहना है कि गैरमजरुवा जमीन सरकारी होती है। ग्रामीणों को जमीन का पट्टा दिलाने की लुभावना देकर उक्त जमीन को हड़पने की साजिश की जा रही है। जबकि सरकारी नियम के बाहर कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कुछ जमीन दलालों की तरकीब से जालसाजी की जा रही है। बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उक्त योजना के लिए जमीन कतई नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि गांव की जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आने वाले वक्त में उस जमीन की उन्हें जरुरत पड़ेगा। बैठक में लघु सिंचाई के तहत ग्राम पुसालोटा में सरकारी तालाब का जीर्णोंद्वार अनियमितता के बारे में चर्चा की गई इस बैठक में सिलफोड़ी पंचायत मुखिया मिलानी बोदरा, उप मुखिया फूलचांद देवगम, डाकुवा विजय लोहार, रामेश कोड़ाह, रुंचू जोंको, प्रेमसिंह देवगम, सोमा जामुदा, सूरज जोंको, कृष्ण कोड़ाह, बालुवा बोदरा, अमरसिंह कांडेयांग, जिंगी जोंको आदि मौजूद थे।
पुसालोटा गांव में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के नेतृत्व में बैठक, नप अध्यक्ष व सीओ पर लगाए कई आरोप
पुसालोटा गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का विरोध करते ग्रामीण।
क्या है मामला
शहरी जलापूर्ति योजना 50 करोड़ की है। जिसका पानी पनसुंवा डैम से आयेगा। इसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूसालोटा में स्थापित करने की योजना है। जिसके लिये जमीन नहीं देने की बात ग्रामीण कर रहे हैं। इस योजना के तहत शहर में जलापूर्ति होगी। नगर परिषद अधिकारी व जूस्को ने कई दौर की बैठक भी किया है।