49 करोड़ की शहरी जलापूर्ति योजना में कई पेंच हैं। जगह-जगह विरोध हो रहे है। इसके पटाक्षेप के लिए अधिकारियों की एक टीम पुसालोटा गांव में शुक्रवार को पहुंची थी। यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लाट लगना है, जिसका विरोध ग्रामीण कर रहे हैं। इस दौरान गांव पहुंचे एसडीओ प्रदीप प्रसाद सहित अन्य अधिकारियों को करीबन दो घंटे तक ग्रामीणों का इंतजार करना पड़ा। लेकिन कुछ ही ग्रामीण पहुंचे थे। इन ग्रामीणों ने कहा कि हमें पीने की पानी नहीं, खेतों में पानी चाहिए। जब तक खेतों को पानी नहीं देंगे, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर जमीन नहीं देंगे। वहीं एसडीओ प्रदीप प्रसाद ने शहरी जलापूर्ति योजना पर कार्यरत कंपनी जुस्को के एरिया मैनेजर एसके श्रीवास्तव को आश्वासन दिया कि महीने के अंत तक दोनों जगहों पर ग्रामीणों से वार्ता कर मामले को सुलझा लिया जाएगा। इस दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार, सीओ अमर जॉन आईंद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता जमादार सिंह आदि मौजूद थे।
ग्रामीण से वार्ता के लिए पुसालोटा गांव पहुंचे विभिन्न विभाग के पदाधिकारी।
शिकायत के बाद एसडीओ ने पुसालोटा तालाब का किया निरीक्षण
ग्रामीणों से वार्ता में पहुंच एसडीओ प्रदीप प्रसाद से शिकायत की गई कि पुसालोटा तालाब की खुदाई हो रही है। लेकिन ठेकेदार द्वारा अनियमितता बरती जा रही है और बरसात की मौसम आने का इंतजार किया जा रहा है। तालाब को एक से दो फीट की खुदाई के बाद काम बंद कर दिए हैं। यह कार्य जल संसाधन, लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा के तहत कृष्ण देव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। तालाब की जांच बीडीओ व लोकायुक्त के माध्यम से हो चुके हैं। लेकिन कार्य में कोई सुधार नहीं हुए। इस पर एसडीओ ने ग्रामीणों से लिखित शिकायत करने को कहा। मौके पर ग्राम मुंडा रांदो कोड़ाह, डाकुवा विजय लोहार, राहुल बोयपाई, सुरेश बोयपाई, मानसिंह कोड़ाह, सुरेश हेंब्रम, श्यामलाल बोयपाई आदि मौजूद थे।
19 को सोनुवा व 22 को पुसालोटा में होगी बैठक
शहरी जलापूर्ति योजना में सोनुवा के पंसुवा डैस से पानी लाने की योजना है। इस पर पानी देने को लेकर ग्रामीणों में विरोध है। उसी मुद्दों को लेकर 19 मई को सोनुवा प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई है। इसमें एसडीओ प्रदीप कुमार, सोनुवा बीडीओ और ग्रामीणों की वार्ता होगा। इधर, 22 मई की सुबह साढ़े सात बजे पुसालोटा गांव में बैठक रखी गई है। जिसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन को लेकर चर्चा होगी।
जलमीनार निर्माण को लेकर मिला एनओसी
शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर चार जलमीनार के निर्माण होंगे। इसमें से एक प्रखंड कार्यालय परिसर में निर्माण होगा। उसकी एनओसी संवेदक कंपनी के एरिया मैनेजर को मिला है। वहीं लाल गिरजा के समीप भी जल मीनार बनेंगे। वहां की जमीन हस्तांतरण को लेकर सीओ द्वारा एडीसी को पत्र लिखा गया है। जिस पर एडीसी 20 मई के बाद निरीक्षण करने पहुंचेंगे।