अभयारण्य क्षेत्र दलमा से हाथी भटक गए हैं। यहीं कारण है कि इधर-उधर तबाही मचा रहे हैं। प. बंगाल से दलमा के बीच एलिफेंट कॉरीडोर बना हुआ है। हाथी इसी पहाड़ी के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। रास्ते में व्यवधान आने के बाद हाथी रास्ता भटककर गांव में घुस जाते हैं। उसके बाद बर्बादी करते हैं। पहाड़ों पर पेयजल का स्रोत सूख जाने के कारण भी हाथी गांव की ओर रूख कर रहे हैं। पानी की तलाश में हाथी इधर-उधर भटक रहे हैं।
इस माह दो लोगों को मार चुके हैं हाथी
इस माह हाथियों का झुंड दो लोगों को मार चुका है। जिसमें बहरागोड़ा के एक वृद्ध तथा चाकुलिया का एक युवक शामिल है। इसके बाद भी वन विभाग द्वारा हाथियों को इस इलाके से भगाने का कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आतंक से पूरा इलाका त्रस्त है। हाथी कभी भी किसी की जान ले सकते हैं। ग्रामीण रात को भय के साए में जी रहे हैं। ग्रामीण टार्च तथा पटाखा देने की मांग कर रहे हैं। इधर रेंजर गोरख राम का कहना है कि हाथियों को भगाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हाथी आने की सूचना मिलने पर वनकर्मी उसे भगाने का प्रयास कर रहे हैं।