साधना करने के लिए धैर्य जरूरी
चंदेरी| धैर्य रखकर साधना करते रहो। परिश्रम करना पड़ता है। तब कही परमत्व की प्राप्ति होती है। कोई काम दुनिया में मुश्किल नहीं है। धीरे-धीरे करते रहो। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी भगवान का भजन नहीं छोड़ना चाहिए। यह बात जानकी नाथ मंदिर पर महेश्वरी समाज द्वारा कराई जा रही राम कथा के दूसरे दिन दिव्यांशु महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु शंकर एक दूसरे को स्वामी सखा सेवक मानते हैं। उन्होंने भगवान शंकर को विवाह हेतु मनाया, इसलिए विवाह आवश्यक है।