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धर्म... बिना शिव कृपा के राम की भक्ति नहीं हो सकती : सुधांशुजी

3 वर्ष पहले
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धर्म... बिना शिव कृपा के राम की भक्ति नहीं हो सकती : सुधांशुजी

चंदेरी | बिना शिव कृपा के राम की भक्ति नहीं होती। शिवजी को वैष्णव कहा गया है। भगवान जो शिव है राम है जो राम है वही शिव है। नाम भिन्न भिन्न हो सकते हैं पर परमात्मा वह एक ही है। वेद कहता है परमात्मा एक है वेद हमारी दृष्टि में तब तक रहता है जब तक भजन साधना पक जाए। जब साधना पक जाती है तो सब दिखने लगता है जहां पर दृष्टि डालते हैं वहां परमात्मा दिखाई देता है। उक्त उद्गार जानकी नाथ मंदिर और माहेश्वरी समाज द्वारा श्री कुंज मंदिर में चल रही श्री रामकथा के तीसरे दिन सुधांशु जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि संसार में एकता तथा उसे नहीं जानते तब तक उसे नहीं पहचानोगे तब तक परम सत्य प्राप्त नहीं कर सकते। सद्गुणों की रक्षा करने एवं दुष्टों को मारने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। भगवान तो भक्तों के प्रेम को आते हैं साथ ही दुष्टों को मार भी जाते हैं।

चंदेरी | बिना शिव कृपा के राम की भक्ति नहीं होती। शिवजी को वैष्णव कहा गया है। भगवान जो शिव है राम है जो राम है वही शिव है। नाम भिन्न भिन्न हो सकते हैं पर परमात्मा वह एक ही है। वेद कहता है परमात्मा एक है वेद हमारी दृष्टि में तब तक रहता है जब तक भजन साधना पक जाए। जब साधना पक जाती है तो सब दिखने लगता है जहां पर दृष्टि डालते हैं वहां परमात्मा दिखाई देता है। उक्त उद्गार जानकी नाथ मंदिर और माहेश्वरी समाज द्वारा श्री कुंज मंदिर में चल रही श्री रामकथा के तीसरे दिन सुधांशु जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि संसार में एकता तथा उसे नहीं जानते तब तक उसे नहीं पहचानोगे तब तक परम सत्य प्राप्त नहीं कर सकते। सद्गुणों की रक्षा करने एवं दुष्टों को मारने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। भगवान तो भक्तों के प्रेम को आते हैं साथ ही दुष्टों को मार भी जाते हैं।

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