‘आप’ में रहने के दौरान हुआ फाइनेंशियल लॉस, चला गया डिप्रेशन में
यूं तो जनता की सेवा करने के कई रास्ते हैं। पर मुझे लगा कि संविधान का हिस्सा बनकर जनता की सेवा अच्छे से की जा सकती है। इसलिए मैंने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को जॉइन किया। पर जैसे-जैसे इस पार्टी के अंदर घुसता गया, मुझे एहसास होता गया कि मैं जिन सपनों को संजोकर इस पार्टी में आया था, वो सपने यहां पूरे नहीं होंगे। क्योंकि यहां भी सभी की सोच जनता की सेवा नहीं बल्कि राजनीति करना थी। पार्टी के आगु काम के प्रति समर्पित नहीं थे। बल्कि वे अच्छे लोगों और प्रचलित चेहरों का इस्तेमाल पार्टी को आगे बढ़ा रहे थे। उन्हें पावर की लालसा थी। इससे मेरा दिल लगातार टूटता चला गया। यह बोले एक्टर गुरप्रीत घुग्गी जो फिर से अपने रूटीन में वापस आ गए हैं। अब वह फिल्मों, एनजीओ, टीवी के माध्यम से जनता की सेवा करना चाहते हैं।
बताते हैं- आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कभी भी पंजाबियों के हित की बात नहीं की। बावजूद इसके जब आप पंजाब में चुनाव हार गई तो मैंने अरविंद केजरीवाल से आह्वान किया कि वे कम-से-कम हफ्ते में एक बार तो पंजाब आकर यहां के लोगों को संबोधित करें। पर वह नहीं आए।
Face to Face
शहर आए एक्टर गुरप्रीत घुग्गी ने शेयर किया कि किस तरह एक गलत फैसला उन्हें मुसीबत में ले गया।
परिवार से हुआ दूर
गुरप्रीत ने कहा कि पार्टी में रहकर मुझे काफी नुकसान हुआ। मुझे फाइनेंशियल लॉस तो हुआ ही, मेंटल डिप्रेशन में भी गया। अपने परिवार से भी दूर हुआ और पार्टी के बीच रहकर टॉर्चर भी सहना पड़ा।