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शब्दों का जादुई जाल बिछाता है स्टोरी टेलर

3 वर्ष पहले
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सच में क्या एक बुढ़िया है? जो लोगों को खा जाती है। क्या, आज भी वो जंगल में रहती है। ऐसे दर्जनों सवाल बच्चों के मन में उठे जब नॉवलिस्ट व स्टोरी टेलर मरियम करीम ने उन्हें कहानी “गुल्ला एंड दि हंगुल’ सुनाई। वेन्यू दीक्षांत ग्लोबल स्कूल का था। यहां मरियम स्टोरी टेलिंग वर्कशॉप को कंडक्ट करने पहुंची। उन्होंने दो सेशंस लिए। पहला, दूसरी व तीसरी क्लास के स्टूडेंट्स के लिए। दूसरा सेशन चौथी व पांचवीं क्लास के बच्चों के लिए था। पहले उन्होंने बच्चों के साथ एक बॉन्ड बनाया। उन्हें वन्य जीवों की देखभाल करने व उन्हें प्रेमभाव से देखने की सलाह दी। इसके बाद कहानी सुनाने का सिलसिला शुरू हुआ। जादुई जाल बुनते हुए बच्चों को कहानी की दुनिया में ले गए। स्टोरी टेलिंग कितनी बदली है? इस पर मरियम बताती हैं- जुबानी कहानी सुनाने का रिवाज खत्म हो रहा है। यह फर्क टेक्नोलॉजी की वजह से है। इसलिए इसमें अब इमोशनल कनेक्शन नहीं है। पहले बड़े-बुजुर्ग जब बच्चों को कहानी सुनाते थे तो वे कहानी से ही अच्छे-बुरे की सीख दे देते थे। लेकिन फिर बिजी लाइफस्टाइल की वजह से न्यूक्लीयर फैमिलीज हुई। पेरेंट्स के पास बच्चों के लिए समय ही नहीं। इसलिए बच्चों में वो पहले जैसे संस्कार नहीं मिल पाते। असल में इंसान की जिंदगी भी एक कहानी है। स्टोरी टेलिंग के बहाने से फैमिली रिलेशन, परंपराएं, किसी भी रिलेशनशिप से लेकर अकेलेपन के अहसास को कर सकते हैं।

स्टोरी टेलर मरियम दीक्षांत ग्लोबल स्कूल में वर्कशॉप के लिए पहुचीं। हमने उनसे की बात ...

स्टोरी टेलर कोई भी बन सकता है

मरियम बताती हैं- जिसे वॉयस मॉड्यूलेशन आती हो, थोड़ा एक्सप्रेशंस से खेलने का पता हो। वो स्टोरी टेलर बन सकता है। उसका काम जादुई जाल बिछाना होता है। बेहद नाजुक तरीके से सुनने वालों को अपनी ओर खींचना होता है। हर शब्द से मोहब्बत करनी पड़ती है। कहानी सुनने वाले को इन्वॉल्व करना पड़ता है। बच्चा हो या फिर बड़ा, सभी को कहानी सुनाने का यही तरीका है।

‘गुल्ला एंड दि हंगुल’ की कहानी

एक कश्मीरी गांव के दयालु चरवाहे लड़के के बारे में बताया, जिसे नेचर से बेहद लगाव था। वह अपने पशुओं को चराकर घर भेज देता है और वहीं जंगल में सो जाता है। कुछ कुत्ते भौंककर एक हंगुल (बारहसिंगा के बच्चे) को डरा रहे होते हैं। रात को उसे लेकर पेड़ के नीचे सो जाता है। सुबह उठकर देखता है तो उसके हाथों में हिरण का बच्चा होता है, जो चमचमाती स्पिरिट में बदल जाता है। चरवाहे से एक विश मांगने को कहता है। वह कहता है कि कभी भूकंप न आए। क्योंकि इससे पर्यावरण को काफी नुकसान होता है।

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