चंडीगढ़ | डांस ड्रामा अनंत स्वरूप में 4 से 55 साल तक के कलाकारों ने परफॉर्म किया। ये बेहद संवेदनशील नृत्य प्रस्तुति थी जिससे कलाकारों ने एक सकारात्मक योगदान देने की कोशिश की। एक घंटा, दस मिनट की परफॉर्मेंस में दुर्गा की सार्थकता को दर्शकों के सामने पेश करने की कोशिश की गई। दिखाया गया कि समाज में औरतों को सम्मान देने की जगह हर मोड़ पर भेदभाव, प्रताड़ना, दर्द, अपमान का सामना करना पड़ता हैं। इसके लिए समाज को एक नई सोच और दशा देनी होगी। दिखाया कि नवरात्रे आते हैं तो हम कंजकों को पूजते हैं, उपवास रखते हैं। दूसरी ओर लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव, उसके ऊपर हो रहे एसिड अटैक, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की बात की गई। संदेश दिया गया कि आज से कोई भी सरस्वती शिक्षा से वंचित न रहे, किसी भी लक्ष्मी को पैसे के लिए हाथ न फैलाने पड़े।