फिट रहना हर इंसान के लिए जरूरी है। इससे वह शुगर और बीपी जैसी बीमारियों से कोसों दूर रहता है। मैं खुद इस बात पर यकीन रखता हूं। हफ्ते में पांच से छह दिन वर्कआउट करता हूं। अगर काम के चलते गलती से वर्कआउट न कर पाऊं तो दिमागी तौर पर बीमार वाली फीलिंग आती है। फिटनेस की अहमियत पर बात करते हुए यह बोले एक्टर-सिंगर एमी विर्क। शहर में उनसे हुई मुलाकात में उन्होंने अपने म्यूजिक की पसंद व एक्टिंग से खुद में आए बदलाव पर बात की। ट्रांसफॉर्मेशन में कितना यकीन रखते हैं? इस पर एमी कहते हैं- बायोपिक फिल्मों के लिए अगर ट्रांसफॉर्मेंशन करनी हो तो उसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि लुक को मैच करना होता है। इसके लिए पता होना चाहिए कि कार्ब्स कब कम रखने हैं, कब बढ़ाने हैं। मैं आर्टिस्ट हूं, इसलिए इस बारे में पहले ही सोचने लग जाता हूं। बॉडी के साथ मेंटली ट्रांसफॉर्मेंशन जरूरी है। ये मुश्किल नहीं होता, लेकिन थोड़ा चैलेंजिंग होता है।
एक्टर-सिंगर एमी विर्क ने वर्कआउट, स्टाइल और म्यूजिक को लेकर बात की। वे बोले-
नहींं पड़ता गीतों से प्रभाव
एमी ने कहा- पहले गीत किस्मत किया था, जो लड़की के नजरिए से था। लेकिन अब मेरा वो गीत लड़के के पाॅइंट आॅफ व्यू से हाेगा। सैड रोमांटिक गीतों पर फोकस रहेगा, लेकिन उनमें पॉप अर्बन टच होगा। सरकार ने म्यूजिक काे लेकर पॉलिसी बनाई है वह अच्छी बात है। गीतों मेंं वॉयलेंस होनी ही नहीं चाहिए। हालांकि शराब पर गीत बनते हैं। लोग इनपर जमकर नाचते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि मैं शराब पीने लग जाऊं। मैं नहीं मानता कि गीतों से प्रभाव पड़ता है।
जिंदगी को एंटरटेनिंग तरीके से जीएं
जिंदगी जीने का तरीका खुशनुमा होगा तो आप कुछ भी पा सकते हैं। तरक्की पाने का यही तरीका है। इससे एंटरटेनमेंट भी होगा। लेकिन यह तरीका सीरियस नहीं होना चाहिए। अब मैं काम को आराम से करता हूं। जल्दबाजी नहीं करता। पेशेंटली डील करने पर जोर देता हूं। फिलहाल मेरा ध्यान म्यूजिक पर है। स्टाइल के बारे में एमी बोले- स्टाइल कुछ नहीं होता। मुझे कैजुअली रहना पसंद है।