फोटोग्राफी एग्जिबीशन, वर्कशॉप और म्यूजियम टूअर। इन तीन एक्टिविटी के जरिए शुक्रवार को सेक्टर-10 के गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में सेलिब्रेशन हुआ। दरअसल टूरिज्म डिपार्टमेंट और चंडीगढ़ आर्किटेक्चर म्यूजियम की ओर से इंटरनेशनल म्यूजियम डे सेलिब्रेट किया जा रहा है। शुक्रवार को इसका पहला दिन रहा। चीफ गेस्ट गृह सचिव अनुराग अग्रवाल ने फोटो एग्जिबीशन का उद्घाटन किया। एग्जिबीशन में उन 50 फोटोज को डिस्प्ले किया, जो हाल ही में मी एन माई म्यूजियम थीम पर हुए फोटोग्राफी कंपीटिशन में सिलेक्ट हुई थी। इसके अलावा इस कंपीटिशन के विनर्स को चीफ गेस्ट ने यहां प्राइज भी दिया। इसके बाद म्यूजियम के ऑडिटोरियम में वर्कशॉप हुई। इस दौरान चीफ गेस्ट ने कहा- यह आयोजन लोगों और म्यूजियम के बीच जो दूरी है उसके लिए पुल का काम करता है। वर्कशॉप के लिए आए हुए टीचर्स से पहले पूछा कि कितने कैपिटल कॉम्पलैक्स गए हैं। जब कम ही लोगों का जवाब हां आया तो बोले- आप सब को वहां जाना चाहिए और इसके अलावा म्यूजियम में भी और स्टूडेंट्स को भी अपनी हैरिटेज के बारे में अवेयर करना चाहिए। बच्चों के सिलेबस में ऐसा चैप्टर हो, जिससे चंडीगढ़ के बारे में पता चले।
शुक्रवार को सेक्टर-10 के गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में इंटरनेशनल म्यूजियम डे सेलिब्रेट किया गया।
इन्हें मिला ईनाम| पहला ईनाम जतिन सैनी को मिला। दूसरा जीवन ज्योत, तीसरा ईनाम जैसमीन और सांत्वना सान्या अरोड़ा को मिला। जतिन 11 साल के हैं और छठी क्लास में पढ़ते हैं। बताते हैं- यह फोटो पिछले महीने क्लिक गया। जब स्कूल की तरफ से म्यूजियम आए। इसमें एक स्टूडेंट्स स्कल्प्चर की फोटो खींच रहा है। रही फोटोग्राफी की बात तो स्कूल के फोटो क्लब से कुछ समय पहले ही जुड़ा हूं। तभी कैमरा चलना आता है।
गवर्नमेंट स्कूल के टीचर्स के लिए लगाई वर्कशॉप
चंडीगढ़ आर्किटेक्चर म्यूजियम और ली कार्बुजिए सेंटर की डायरेक्टर दीपिका गांधी ने शहर के सरकारी स्कूल के टीचर्स के लिए वर्कशॉप कडंक्ट की। उन्होंने टीचर्स को चंडीगढ़ की प्लानिंग, बिल्डिंग के बारे में बताया। उन्होंने कहा- ली कार्बुजिए और उनकी टीम ने चंडीगढ़ को ऐसे प्लान किया कि हर सेक्टर के बीच एक मार्केट, डिस्पेंसरी और स्कूल है, ताकि लोगों को परेशानी न हो। ग्रीनरी का भी उन्होंने ध्यान रखा। इसके बाद टीचर के लिए चंडीगढ़ आर्किटेक्चर म्यूजियम का टूअर रखा गया। इसमें उनको मॉडल्स, फोटो, ड्राइंग, लैटर की कलेक्शन के जरिए सिटी के बारे में बताया गया। दीपिका बताती हैं- हमने इस मौके पर न केवल इस म्यूजियम को सजाया बल्कि ली कार्बुजिए सेंटर और जेनरे हाउस को भी सजाया।