हम अकसर अपने माइंड को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं, पर कर नहीं पाते। मेडिटेशन हमें इसे कंट्रोल करने की शक्ति देता है। यह कहती हैं लाइफ गाइड मोनिका सिंघल। मोनिका एक नियम को फॉलो करती हैं और सभी से उसे फॉलो करने को कहती हैं। वो ये कि मेडिटेशन कोई रीति-रिवाज नहीं, बल्कि अध्यात्मिक है। इसे आत्मा से कनेक्ट करते हैं। हम भगवान की बेस्ट क्रिएशन हैं। जिस तरह पेरेंट्स अपने बच्चों को अपने से ज्यादा पावर देते हैं। ठीक उसी तरह भगवान की बेस्ट क्रिएशन होने के चलते उनसे ज्यादा शक्तियां हमारे पास हैं। इसलिए हम खुद की किस्मत को बदल सकते हैं। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक होटल में मोनिका के लाइफ गाइड सेशन कंडक्ट किया। इसमें हर एजग्रुप के 80 लोगों ने हिस्सा लिया। यह सेशन आज भी चलेगा। इसमें एंट्री फ्री है। उन्होंने कहा- वर्ल्ड में जितनी भी सैटेलाइट्स आज तक लॉन्च हुई हैं, ह्यूमन मैकेनिज्म सबसे ज्यादा बेहतर है। अपने पूरे जीवन काल में हम सिर्फ 3 परसेंज इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हैं। बाकी का 97 परसेंट सुस्त रहता है। सेशन में मोनिका ने खुद को खुद से कनेक्ट करने पर बात की। कहा- हमें खुद का मैनुअल पढ़ना आना चाहिए। जबकि हम खुद को छोड़कर दूसरों को पढ़ने में लगे रहते हैं। हमें चीजों को देखने का नजरिया बदलना होगा। तभी हम खुश रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी खुश रख पाएंगे।
Session
लाइफ गाइड मोनिका सिंघल ने एक सेशन में मेडिटेशन से जुड़ी बातों को समझाया।
आजकल बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत है मेडिटेशन की
मोनिका ने कहा- आम तौर पर ये धारणा है कि मेडिटेशन बुजुर्ग लोगों को करनी चाहिए। पर ऐसा नहीं। आजतक के बच्चों को सबसे ज्यादा स्ट्रेस है, ऐसे में उन्हें मेडिटेशन जरूर करना चाहिए। बोलीं- हम जैसे ही इसे शुरू करते हैं, जीवन से तीन सी गायब हो जाते हैं और तीन ए प्रवेश कर जाते हैं। सी में क्रिबिंग, क्रिटिसाइज और कंपलेन। ए में एप्रिसिएशन, एप्रूवल और असेप्टेंस शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर मेडिटेशन हमारे जीवन में प्रवेश करती है तो मेडिकेशन छोड़ जाती है।