हम लोग सरहद पार करके लाहौर पहुंच गए हैं ...
हम लोग सरहद पार करके लाहौर पहुंच गए हैं ...
सिटी रिपोर्टर| चंडीगढ़
हाल ही में पाकिस्तान से आई मशहूर शायर फैज अहमद फैज की बेटी मुनीजा हाशमी को दिल्ली से एक प्रोग्राम में शिरकत किए बिना ही लौटना पड़ा। इस बात को लेकर देश भर में चर्चा भी हुई। कलाकारों ने इस वाकए को गलत बताया। उन्होंने कहा कि कला और साहित्य को सीमाओं में बांधना ठीक नहीं। हम लोग आपस में जुड़े हैं और जुड़े ही रहेंगे। इसी बात को साबित करते हुए चंडीगढ़ से एक डेलीगेशन ने मंगवार को वाघा बॉर्डर पार करते हुए अपनी तस्वीर पोस्ट की। ये लोग अपनी दोस्त और साथी कलाकार मदीहा गौहर की याद में लाहौर में हो रहे प्रोग्राम में शिरकत के लिए गए हैं। चंडीगढ़ से इस डेलीगेशन में जानाी मानी नाटककार प्रोफेसर नीलम मानसिंह, डॉ. साहिब सिंह, केवल सिंह धालीवाल और चंडीगढ़ की पूर्व मेयर बीबी हरजिंदर कौर शामिल हैं।
इन लोगों की विजिट का मकसद उन रिश्तों को मजबूत करना है जो कलाकारों ने बनाए हैं। बॉर्डर क्रॉस करते ही साहिब सिंह और नीलम मानसिंह ने अपनी वॉल पर तस्वीरें पोस्ट कीं और लिखा- हम सरहद पार कर लाहौर पहुंच गए हैं।
चंडीगढ़ और पंजाब से जुडे़ आर्टिस्ट अपनी पाकिस्तानी दोस्त मदीहा गौहर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे लाहौर
बरसों साथ काम किया था मिलकर
यहां यह बताना जरूरी है कि पाकिस्तानी नाटककार मदीहा गौहर ने भारत में केरल से लेकर पंजाब और हर जगह नाटक किए थे। वे भारतीय कलाकारेां के साथ जुड़कर काम करती थीं। अपने थिएटर ग्रुप अजोका के जरिए उन्होंने कई बार ऐसे शो आयोजित किए जिसमें दोनों देशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया। खासतौर पर साहिब सिंह, नीलम मानसिंह और केवल धालीवाल के साथ तो उनका अच्छा मेलजोल था। यही वजह है कि जिस वक्त ये लोग बॉर्डर पार कर रहे थे इनके हाथ में मदीहा गौहर का एक पोर्ट्रेट भी था।