कैमरे से मुझे जिंदगी की असली किक मिलती है
किसी भी किरदार को निभाने से पहले मैं होमवर्क करती हूं। उसे अच्छे से समझकर ही कैमरे के सामने आती हूं। तब परफॉर्म करने में भी मजा आता है। क्योंकि तभी हम उसे अच्छे से निभा सकते हैं। बता रही हैं एक्टर पायल राजपूत। एक मुलाकात में उन्होंने कैरेक्टराइजेशन पर बात की। पायल पिछले पांच साल से एंटरटेनमेंट दुनिया से जुड़ी हैं। बोलीं- मैंने खुद को कभी एक जैसे किरदारों में बंधने नहीं दिया। मुझे वैरायटी के रोल करने हैं सिंपल, सटीक और सीरियस रोल। इसके साथ ही रोम-काॅम, कॉमेडी जैसे जोनर्स भी ट्राई करने हैं। पंजाबी सिनेमा भी काफी समय से बढ़ रहा है। इसमें भी काफी एक्सप्लोर किया जा सकता है।
पायल ट्रांसफॉर्मेशन की बात करते हुए बोलीं- इन पांच सालों में मुझमें काफी बदलाव आया है। अपीयरेंस, बोलने से लेकर एक्ट करने के तौर तरीके में हर चीज के साथ कुछ न कुछ मैंने सीखा ही है। तीन साल टीवी और दो साल से फिल्मों में काम कर रही हूं। टीवी में बारह-पंद्रह घंटे लगातार बिजी रहते हैं। इसमें किसी चीज का सोचने के लिए वक्त नहीं मिलता। जबकि फिल्मों का 30 से 40 दिन का शेड्यूल रहता है। फिल्म खत्म और उसके बाद आप कुछ भी करने के लिए फ्री हैं, जो टीवी में नहीं होता। इसलिए मैंने टीवी से दूरी बनाई। पायल बताती हैं- मुझे कई लोगों ने कहा कि मेरी शक्ल करीना कपूर से मिलती है। मैं उन्हें माइंड में रखकर हूबहू उनके जैसी एक्टिंग कर सकती हूं। मुझे सबसे ज्यादा मेरी स्माइल को लेकर कांप्लिमेंट मिलते हैं।
पायल की दो बातें
फिटनेस। ये मायने नहीं रखता मोटा या पतला। फिटनेस अंदर से होती है। इसलिए मेरा मानना है कि हेल्दी खाआे। वही खाओ जो खाने का मन है। मैं डाइटिंग नहीं कर सकती। नॉनवेज को छोड़े हुए तो वक्त होने वाला है। चॉकलेट की दीवानी हूं। जबरदस्त फूडी हूं। 15 मिनट खाने को जरूर देती हूं।
क्रेजीनेस। एक चीज के प्रति पागलपन है, वो है कैमरे के सामने रहना। इससे ही मुझे जिंदगी की असली किक मिलती है। मोटिवेट होती हूं। जब भी मैं कैमरे के सामने आती हूं तो बेहद खुश होती हूं। सबकुछ भूलकर उसी कैमरे की काल्पनिक दुनिया में खो जाती हूं।