कॉलेज की यादों को समेटा किताब ‘दोज कॉलेज इयर्स‘ में
पंजाब की वेटेनरी ऑफिसर डॉ. राणा प्रीत गिल को लिखने और लिट्रेचर पढ़ने का शौक स्कूल अौर कॉलेज में पड़ा। पर जब वेटेनरी कॉलेज में एडमिशन लिया तो पढ़ाई से ही समय नहीं मिलता था। लिखना छूट गया। पिछले साल अंग्रेजी के कुछ न्यूजपेपर्स के लिए आर्टिकल और मिडल लिखने शुरू किए तो मुझे उन्होंने कहा कि आपको लिखने का इतना शौक है तो कोई किताब लिख लो। हम सिर्फ आप ही के आर्टिकल थोड़ा छाप सकते हैं। बस यहीं से मुझे किताब लिखने का आइडिया आया और मैंने किताब लिखनी शुरू कर दी। यह कहती हैं डॉ. राणा प्रीत गिल। वे पशुपालन विभाग, पंजाब में होशियारपुर में वेटेनरी ऑफिसर हैं। इनके डेब्यू नॉवेल दोज कॉलेज इयर्स को ऑथर व मेंटर विवेक अत्रे ने सेक्टर-7 स्थित हेजहॉग कैफे में रिलीज किया। इसकी कहानी एक छोटे शहर की लड़की के रोमांच अौर छोटी-बड़ी घटनाओं से भरे सफर पर आधारित है। ये लड़की वेटनरी कॉलेज में पढ़ने के लिए एक बड़े शहर में चली जाती है।
डॉ. राणा प्रीत ने बताया- जब किताब के विषय के बारे में सोचा तो मुझे ध्यान में आया कि हमारे पास अलग-अलग तरह के केस हैं। लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं और कई सीरिज में इवेंट्स होते हैं। फिर मुझे अपने कॉलेज के दिन भी याद आए। इस किताब में कुछ अपनी लाइफ तो कुछ लोगों की लाइफ से लेकर लिखना शुरू किया। इसके लिए मुझे एक साल का समय लगा। नॉवल के बारे में विवेक अत्रे ने कहा- ये नॉवल रीडर को कॉलेज के मजेदार दिनों में ले जाता है। लेखक ने एक छोटे से शहर की लड़की की कहानी को खूबसूरत अंदाज में दिखाया है।
पंजाब की वेटेनरी ऑफिसर डॉ. राणा प्रीत गिल के पहले नॉवेल, दोज कॉलेज इयर्स को ऑथर व मेंटर विवेक अत्रे ने सेक्टर-7 स्थित कैफे में रिलीज किया।
ये है कहानी
कहानी की नायिका रिया एक बुक लवर हैं। उसके पास कई बेहतरीन किताबें हैं, जिनकी रक्षा वह एक खजाने की तरह करती है। उसे हमेशा एक तालाबंद अलमारी में सहेजकर रखती है। उसके सपने बड़े और इच्छाएं बुलंद हैं। उसके अजीब टाइम टेबल बनाने से अन्य चीजों में सही संतुलन बनाने तक, लड़कों के साथ प्यार में बुरी तरह से असफल होने के बाद नोट्स बनाने तक, उसके हाव-भाव और मूड्स को कॉलेज और हॉस्टल में अच्छी तरह से जाना पहचाना है।