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डराने-धमकाने के केस में जुल्फिकार का भतीजा बरी

3 वर्ष पहले
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बच्चों के साथ कुकर्म करने के आरोप में सजा काट रहे जुल्फिकार खान के भतीजे अख्तेदार खान उर्फ लाला और दो अन्यों को शुक्रवार को जिला अदालत ने बरी करार दिया है। अख्तेदार, नीरज कुमार और गीता पर उन बच्चों को डराने -धमकाने के आरोप थे, जिन्होंने जुल्फिकार खान के खिलाफ कुकर्म की शिकायत दी थी। इसके बाद जुल्फिकार को 21 साल की सजा हुई। हैरत की बात है कि जिन बच्चों ने पहले जुल्फिकार खान के खिलाफ गवाही दी थी और अब वे अख्तेदार के खिलाफ दिए अपने बयानों से मुकर गए। इससे पहले इन्हीं बच्चों की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ 2 नवंबर 2015 को आईपीसी की धारा 341, 452, 506 और 34 के तहत केस दर्ज किया था।

इन बच्चों ने अपनी शिकायत में बताया था कि वे सेक्टर-25 के मकान नंबर 2898 में रहते थे और ये मकान उनके पास तब से था जब से वे थिएटर एज एनजीओ से जुड़े थे। उन्होंने शिकायत में बताया कि जुल्फिकार का भतीजा अख्तेदार खान उन्हें काफी दिनों से जुल्फिकार खान के खिलाफ गवाही न देने के लिए धमका रहा था। इस काम में जुल्फिकार के साथ काम करने वाली महिला गीता और नीरज भी शामिल थे।

इन पॉइंट्स पर तीनों हुए बरी

1. बचाव पक्ष के वकील रविकांत पवार ने बताया कि जिन बच्चों ने शिकायत दी कि वे सभी अपने बयानों से मुकर गए थे।

2. बच्चों ने अपनी शिकायत में कोई तारीख, समय और जगह के बारे में भी नहीं लिखा था, जिससे ये साबित हो सके कि उन्हें डराया-धमकाया गया।

3. बच्चों ने शिकायत में कहा था कि वे मकान नंबर 2898 में कई साल से रह रहे थे उन्हें मकान से बाहर निकलने के लिए भी कहा गया। एडवोकेट पवार ने कहा कि ये मकान तो खुद अख्तेदार के नाम पर ही था।

पहले बच्चों ने कहा था दी है धमकी...उन तीनों ने एक दिन चारों बच्चों का रास्ता रोका और धमकाया कि अगर वे जुल्फिकार के खिलाफ कोर्ट में गवाही देंगे तो उन्हें जान से मार देंगे। बच्चों ने अपनी शिकायत में कहा था कि गीता ने उन्हें कहा था कि अब तुम बच्चे नहीं हो और तुम पर छेड़छाड़ का इल्जाम लगाकर तुम पर ऐसा केस बनवाऊंगी कि जमानत भी नहीं होगी।

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