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नाम स्मार्ट पार्किंग, लेकिन सुविधाएं पहले जैसी ही

3 वर्ष पहले
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एमसी ने सिर्फ एंट्री पॉइंट पर कियोस्क बनवाकर डिजिटल स्क्रीन लगवा दी। इसे नाम स्मार्ट पार्किंग का दे दिया, लेकिन पार्किंग में सब 2002 से लागू पेड पार्किंग जैसा ही है। पार्क हो रही बेतरतीब गाड़ियां, पार्किंग स्पेस में 50 मीटर की दूरी तक कर्मचारी तैनात नहीं, स्टाफ के पास वर्दी और नेम प्लेट नहीं और स्मार्ट पार्किंग में रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) रीड करने के लिए इंतजाम नहीं। वाहन पार्क करने वालों के मैनुअल पास बनाए जा रहे हैं। गाड़ियां भी मैनुअल पास पर एंटर कर रहे हैं, गाड़ियों के आगे स्टीकर लगे हैं। ऐसा करके आर्या टोल इंफ्रा कंपनी एमओयू की कंडीशंस का वॉयलेशन कर रही है। मेयर देवेश मोदगिल की ओर से गठित काउंसलर्स की कमेटी ने शहर की पार्किंग चेक कर ली हैं। रिपोर्ट शनिवार को सबमिट की जाएगी। इसे 16 अप्रैल को हाउस मीटिंग के एजेंडा में शामिल किया जाएगा। इसी एजेंडा पर निगम हाउस में चर्चा होगी। अब ज्यादातर काउंसलर भी पब्लिक की आवाज के साथ हो लिए हैं, इसलिए जो पार्किंग रेट पहली अप्रैल से डबल हुए थे, वे हाउस में वापस होने की पूरी संभावना है। मेयर देवेश मोदगिल की ओर से गठित काउंसलर की कमेटी ने कई दिन लगाकर पार्किंग को चेक किया। एमसी के साथ हुए एमओयू की काॅपी लेकर कंडीशंस चेक की। उनका मिलान भी किया। कमेटी ने शुक्रवार को मनीमाजरा ढिल्लों कॉम्प्लेक्स वाली पार्किंग को चेक किया। इसमें एंट्री और एक्जिट पर सुपरवाइजर सहित चार कर्मचारी तैनात मिले। 50 मीटर की दूरी पर कोई कर्मचारी नहीं मिला, न ही प्रॉपर वर्दी में मिला। सेक्टर 17 केसी थिएटर साइड पार्किंग में भी चार कर्मचारी मिले, उन्होंने वर्दी नहीं पहनी हुई थी। कई अन्य पार्किंग्स में भी यही हाल मिला।

पार्किंग रेट डबल
पब्लिक को ट्रबल

एमओयू की कंडीशंस नहीं हो रही फॉलो
नगर निगम का 29 जून 2017 को आर्या टोल इंफ्रा कंपनी से एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) हुआ। निगम ऑफिसर भी एमओयू की कंडीशंस को लागू करवाने में नाकाम रहे हैं। एमओयू की कंडीशंस को फॉलो नहीं करवा रहे हैं। सिर्फ कंपनी पर कुछ वॉयलेशन का जुर्माना लगाकर ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। निगम हाउस के कहने के बाद भी ऑफिसरों ने पार्किंग चेक कर कोई कमियां नहीं निकालीं। चेकिंग भी भागते-भागते कर दी। निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव का कहना है कि स्पेस से ज्यादा वाहन पार्क करने पर जुर्माना लगाया जाता है। बगैर वर्दी और 50 मीटर पर कर्मचारी की तैनाती नहीं किए जाने का भी चालान किया जा रहा है।

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