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गोष्ठी में सुनाई मां को समर्पित कविता ‘प्यार का बंधन’

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ | साहित्यिक विचार मंच की मंथली मीटिंग सेक्टर-46 के उत्तम रेस्टोरेंट में हुई। जिसकी अध्यक्षता साहित्यकार कैलाश आहलूवालिया ने की। इस मौके पर प्रेम विज ने व्यंग्य कविताएं सुनाई। इसके बाद बलबीर तन्हा ने हिंदी व पंजाबी में कविताएं और गजल- ‘जिसने गुजार दी है मिसालों में जिंदगी’ पेश की। केके नंदा अश्क ने गजल सुनाई। इसके अलावा एक लघु कथा आइस क्रीम भी सुनाई। विजय कपूर ने कविताएं - धड़ल्ले से, गजब कैसे हो जाते हो, बुद्धू सा, चेतना के स्तर पर कविताएं सुनाईं। सुभाष शर्मा ने ‘मैं संविधान हां’ व्यंग्य सुनाया। इसके अलावा विजय कपूर की 3 कविताओं का हिंदी अनुवाद भी सुनाया। अमरजीत अमर ने पंजाबी गजल के नए संग्रह ‘रिशमां दा बूहा’ में से कुछ गजलें सुनाईं। सतीश पापुलर ने हास्य रचनाएं पढ़ी।

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