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बाइक के आगे गाय आने से हादसा, हेलमेट की स्ट्रिप नहीं लगाई थी, मौत

3 वर्ष पहले
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विनीत राणा | मोहाली vineet.rana@dbcorp.in

सेक्टर-52 के राजिंदर व उनकी प|ी सुमन बाइक पर मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 जा रहे थे। फेज-7 और 3बी2 की डिवाइडिंग रोड पर पहुंचे तो एकाएक बाइक के आगे गाय आ गई। इससे दंपती बाइक सहित दूर जाकर गिरा। राजिंदर का हेलमेट सिर से उतरकर गिरा और सिर जमीन से जोर से टकराया। माथे पर गहरी चोट लगी और खून बहने लगा। दूसरी तरफ उनकी प|ी सुमन का सिर फुटपाथ से जाकर टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाय की एक टांग भी फ्रेक्चर हो गई। पीसीआर दंपती को फेज-6 सिविल अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने राजिंदर को मृत घोषित कर दिया। सुमन का ट्रीटमेंट चल रहा है। मृतक के घरवालों ने नगर निगम पर आरोप लगाया है कि वह लावारिस पशुओं के मामले में कोई एक्शन नहीं ले रही है। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव घरवालों को सौंप दिया है, वहीं घरवाले निगम पर कार्रवाई करवाने पर अड़े हुए थे। हादसा फेज-7 की डिवाइडिंग रोड पर कोठी नंबर 2855 के सामने हुआ। कोठी मालकिन साई गीता टंडन ने बताया कि पुलिसकर्मी हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए ले गए लेकिन गाय को वहां से उठाने के लिए कोई नहीं आया। गाय की टांग की हड्डी टूट गई थी।

बंदर के ईंट फेंकने से हुई थी मौत, परिवार को 13 लाख का मुआवजा

चंडीगढ़ | छत पर बैठे बंदर ने नीचे एक ईंट गिराई, जो 18 साल के अमरजीत हैरी को लगी थी। इससे अमरजीत की मौत हो गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन को कुल 13 लाख रुपए मुआवजा मृतक के परिवार को देने के निर्देश दिए हैं। 4 लाख रुपए मुआवजा मृतक के परिवार को पहले दिया जा चुका है। जस्टिस राकेश कुमार जैन ने कहा कि 9 लाख चंडीगढ़ नगर निगम परिवार को अदा करे। 31 मार्च 2015 को अमरजीत सेक्टर-22 में कपड़ों की दुकान के बाहर खड़ा था। छत से बंदर द्वारा फेंकी ईंट उसके सिर पर लगी। उसे तत्काल पीजीआई ले जाया गया, जहां 4 अप्रैल 2015 को उसकी मौत हो गई। याचिका में कहा गया कि नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है कि वे शहर के बाशिंदों को बंदरों के आतंक से बचाएं।

सुमन

गाय की भी टांग टूटी, कैटल कैचर टीम नहीं पहुंची

राजिंदर के दामाद कैलाश ने बताया कि राजिंदर की चार बेटियां व एक सबसे छोटा बेटा है। बड़ी बेटी की कुछ समय पहले शादी हुई थी। रोजाना उसके सास व ससुर बाइक पर सुबह इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 स्थित एक कंपनी में काम पर जाते थे। राजिंदर बाइक चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनते थे। मंगलवार को भी उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था लेकिन उसकी स्ट्रिप नहीं लगाई थी। जब गाय से बाइक टकराई तो हेलमेट सिर से निकलकर दूर जाकर गिरा और उनका सिर सड़क से जा टकराया।

विनीत राणा | मोहाली vineet.rana@dbcorp.in

सेक्टर-52 के राजिंदर व उनकी प|ी सुमन बाइक पर मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 जा रहे थे। फेज-7 और 3बी2 की डिवाइडिंग रोड पर पहुंचे तो एकाएक बाइक के आगे गाय आ गई। इससे दंपती बाइक सहित दूर जाकर गिरा। राजिंदर का हेलमेट सिर से उतरकर गिरा और सिर जमीन से जोर से टकराया। माथे पर गहरी चोट लगी और खून बहने लगा। दूसरी तरफ उनकी प|ी सुमन का सिर फुटपाथ से जाकर टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाय की एक टांग भी फ्रेक्चर हो गई। पीसीआर दंपती को फेज-6 सिविल अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने राजिंदर को मृत घोषित कर दिया। सुमन का ट्रीटमेंट चल रहा है। मृतक के घरवालों ने नगर निगम पर आरोप लगाया है कि वह लावारिस पशुओं के मामले में कोई एक्शन नहीं ले रही है। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव घरवालों को सौंप दिया है, वहीं घरवाले निगम पर कार्रवाई करवाने पर अड़े हुए थे। हादसा फेज-7 की डिवाइडिंग रोड पर कोठी नंबर 2855 के सामने हुआ। कोठी मालकिन साई गीता टंडन ने बताया कि पुलिसकर्मी हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए ले गए लेकिन गाय को वहां से उठाने के लिए कोई नहीं आया। गाय की टांग की हड्डी टूट गई थी।

ट्राईसिटी में बंदर परेशान करें तो यहां करें कॉल...

रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, वाइल्ड लाइफ स्क्वायड, चंडीगढ़ 7087041948

फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर 9216428398

फॉरेस्ट गार्ड 9915127299

लैंडलाइन नंबर 0172-2700217

मोहाली निगम हेल्पलाइन 18001370007

पंचकूला 9050309292

तीन महिलाएं घायल गाय की मदद के लिए आईं आगे ..गीता टंडन व उनकी दोस्त रीना ने बताया कि वह निगम टीम के कैटल कैचर टीम का नंबर तलाशने लगी, लेकिन कहीं से नंबर नहीं मिल रहा था। नेट से निगम का टोल फ्री नंबर लिया। कई बार कॉल की लेकिन किसी ने फोन ही नहीं उठाया। इसके बाद सेक्टर-45 की गौरी शंकर गौशाला गए, वहां पर किसी वैटरनरी डॉक्टर का नंबर या किसी कर्मचारी का नंबर लेने का प्रयास किया लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। उन्हें बलौंगी वेटरनरी हॉस्पिटल भेज दिया गया। गौशाला में कई नंबर लिखे थे, दोनों महिलाओं ने सब ट्राई किए लेकिन कोई नंबर नहीं मिला तो किसी ने उठाया ही नहीं। दोनों महिलाएं फिर से गाय का हाल देखने घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पर सेक्टर-43 निवासी युवती यशीता गाय को पानी पिलाने का प्रयास कर रही थी। यशीता गाय के पास रुकी रही। गीता व रीना वैटरनरी अस्पताल गई। वहां से मोहाली गौशाला और वहां से कैटल कैचर टीम इंस्पेक्टर रवि का नंबर लेकर घटना के बारे सूचित किया। इसके बाद टीम यहां पहुंचीं।

फॉरेस्ट एरिया में लगाएंगे फलदार पेड़ : संतोष

फाॅरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दायर कर कहा गया था कि वे चंडीगढ़ नगर निगम से शिमला नगर निगम की तरह चंडीगढ़ में भी बंदरों को खाना देना अपराध की श्रेणी में शामिल करने पर बाइलॉज बनाने की सिफारिश करेगा। चीफ कंजर्वेटर ऑफ फाॅरेस्ट संतोष कुमार की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दायर कर कहा गया था कि फाॅरेस्ट एरिया में ज्यादा फलदार पेड़ लगाए जा रहे हैं, ताकि बंदर इनकी तरफ आकर्षित हों और आबादी से दूर रहें।

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