पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सुरेश कुमार के मामले में सुनवाई जून में करने की मांग खारिज

सुरेश कुमार के मामले में सुनवाई जून में करने की मांग खारिज

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चिदंबरम के उपलब्ध न होने की दलील हाईकोर्ट ने नहीं मानी

चंडीगढ़| सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी रिटायर्ड आईएएस अफसर सुरेश कुमार की नियुक्ति हाईकोर्ट के सिंगल बेंच द्वारा खारिज करने के मामले में अपील पर पंजाब सरकार ने मंगलवार को जिरह के लिए समय दिए जाने की मांग की। सरकार ने कहा कि पैरवी के लिए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में जून की छुट्टियों के बाद इस मामले को सुनवाई पर लगाया जाए। इस दलील का प्रतिवादी पक्ष ने विरोध करते हुए कहा कि सरकार के पक्ष में सिंगल बेंच के फैसले पर रोक है, ऐसे में सुनवाई को लंबे समय के लिए लंबित न किया जाए। इसके बाद जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस बीएस वालिया की खंडपीठ ने मामले पर 16 मई के लिए सुनवाई तय कर दी। इस दौरान खंडपीठ ने सिंगल बेंच के 17 जनवरी के फैसले पर रोक को जारी रखा है। सरकार ने अपील में कहा कि याची वकील रमनदीप सिंह इस मामले में किसी प्रभावित पक्ष से नहीं हैं। ऐसे में यह मामला सुनवाई के योग्य ही नहीं था। इसलिए सिंगल बेंच के फैसले को खारिज किया जाए। मोहाली निवासी वकील रमनदीप सिंह ने सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दायर कर सुरेश कुमार को सीएम का चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त करने के आदेश को खारिज करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने सुरेश कुमार को आईएएस कैडर की पोस्ट पर नियुक्ति देकर ‘दा रूल्स ऑफ बिजनेस गवर्नमेंट ऑफ पंजाब 1992’ के एक्ट की अनदेखी की है। सीएम ने ऐसे में अपने चहेते अफसर को गलत ढंग से नियुक्ति दी है। सुरेश कुमार रिटायर्ड अफसर हैं।

खबरें और भी हैं...