पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ओलंपिक मेडल के लिए 90 मी. थ्रो करना होगा: नीरज

ओलंपिक मेडल के लिए 90 मी. थ्रो करना होगा: नीरज

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़/नई दिल्ली. 21वीं कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को पहला जेवेलिन थ्रो में गोल्ड मेडल दिलाने वाले डीएवी कॉलेज के स्टूडेंट नीरज चोपड़ा अब ओलंपिक की तैयारी शुरू करेंगे। मेडल के साथ देश लौटने पर नीरज का शानदार स्वागत हुअा। उन्होंने कहा कि मेरा एक टारगेट पूरा हो गया है और अब मैं ओलंपिक मेडल के जिए 90 मीटर का थ्रो करने की कोशिश करूंगा। 20 वर्षीय थ्रोअर ने इससे पहले 2016 वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भी मेडल हासिल किया था। उनका सीजन बेस्ट थ्रो 86.47 मीटर है और उसी के दम पर उन्होंने गोल्ड कोस्ट में गोल्ड मेडल हासिल किया। वे कॉमनवेल्थ एथलेटिक्स में मेडल जीतने पाले 5वें एथलीट बने।

कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज ने दिलाया था देश को पहला गोल्ड, अब वे ओलंपिक के लिए तैयारी करेंगे शुरू

वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर कोच से ले रहे हैं ट्रेनिंग

नीरज दिग्गज जर्मन कोच उव होन से ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने 100 मीटर से ज्यादा का थ्रो करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। होन ने 1984 में 104.80 मीटर का थ्रो किया था। इसके बाद गेम को री-डिजाइन किया गया और डिस्टेंस को 10 मीटर कम कर दिया गया। नीरज ने कहा कि अब मेरी नजरें एशियन गोल्ड पर है और उसके बाद ओलंपिक पर होंगी। मुझे डायमंड लीग में भी हिस्सा लेना है जहां पर कंपीटिशन काफी मुश्किल होता है। इसके अलावा अगले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप का भी आयोजन होना है। मैं इसके लिए पटियाला में ट्रेनिंग करूंगा।

जर्मनी में ट्रेनिंग करने का फायदा मिला

उन्होंने कहा कि मैंने जर्मनी में तीन महीने ट्रेनिंग की थी जिससे मुझे काफी फायदा मिला। मैं वहां पर ट्रेनिंग के साथ साथ खाना भी खुद बनाता था। मेरा मकसद सिर्फ देश के लिए मेडल जीतना था। मैं अब 90 मीटर के लिए ट्रेनिंग करूंगा क्योंकि ऐसा करने पर ही मैं वर्ल्ड लेवल पर आना चाहता हूं। जर्मनी के जोहास वेटर(94.44) और थॉमस रोहलर(93.90) इसमें काफी आगे हैं जबकि चेक रिपब्लिक के जैन जेलेजनी 98.44 मीटर के थ्रो के साथ टॉप पर हैं।

खबरें और भी हैं...