चंडीगढ़| सांसद किरण खेर और मेयर देवेश मोदगिल ने वीरवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में चंडीगढ़ का तीसरा स्थान आने पर शहरवासियों को बधाई दी है। उनके और निगम के अफसरों व कर्मचारियों के प्रयास से शहर इस पोजिशन पर पहुंच पाया है। अब उनका अगला प्रयास यह रहेगा कि अगले स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ काो पहला स्थान मिले। वह अब इसके लिए काम भी करेंगे। जिसके लिए रेजिडेंट्स का इसमें खास सहयोग चाहिए होगा।
वहीं, सांसद किरण खेर ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में 434 शहरों में चंडीगढ़ का मुकाबला था। तब 11वीं पोजिशन आई थी। तब इस बात से दिल बैठ ही गया था, डांट भी लगाई। कहा गया कि सिटीजन फीड बैक कम आया है। इसलिए, चंडीगढ़ दूसरे स्थान से फिसलकर 11वें पर जा पहुंचा था। इस बार सिटीजन से न केवल फीड बैक दिया, बल्कि सफाई अभियान में भी जमकर सहयोग दिया। एमसी ऑफिसर और कर्मचारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले। रात को स्वीपिंग करवाई। इसमें काउंसलर्स का भी अहम रोल रहा। उन्होंने एरिया में मॉनिटरिंग की। इसके बाद ही चंडीगढ़ का स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में 4203 शहरों से मुकाबला करके तीसरा नंबर आया है। अब तीसरी पोजिशन सफाई में मिल गई है। इससे पहले नंबर पर लाने के लिए अभी से काम शुरू किया जाएगा। इस काम में सफाई कर्मचारियों का अहम रोल रहा है। क्योंकि, वे रात को भी ड्यूटी देते रहे। उन्होंने मन से काम किया है।
उधर, मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में 4203 शहरों में प्रतिस्पर्धा थी। फिर भी यह सांसद किरण खेर, शहरवासियों, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, बिजनेस काउंसिल, फॉसवैक और इससे जुड़ी आरडब्ल्यूए, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, काउंसलर्स, अफसरों और कर्मचारियों के प्रयास से संभव हो सका है। इन सभी का आभार व्यक्त करता हूं। पहले नंबर पर एमपी का शहर इंदौर और दूसरे नंबर पर भोपाल रहा है। वहां बजट के लिए प्रादेशिक व्यवस्था है। लेकिन, यहां तो संसाधनों का अभाव है, अपने रिसोर्स जनरेट हैं। इस बार पिछले सर्वेक्षण से 10 गुणा यानि 4203 शहरों में कंपीटिशन था। इसके बावजूद देश के क्लीनेस्ट सिटी में तीसरे नंबर पर आया है। इसके लिए सेनिटेशन, सेग्रिगेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, टॉयलेट ब्लॉक और कम्युनिटी टॉयलेट, पार्क मैनेजमेंट के अलावा वाॅटर सप्लाई पर काम किया गया है।