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ब्राह्मणों से सीएम ने मांगी माफी एचएसएससी चेयरमैन सस्पेंड

3 वर्ष पहले
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हुडा के जूनियर सिविल इंजीनियर पद के लिए अप्रैल में हुई परीक्षा में ब्राह्मणों पर पूछे विवादित प्रश्न को लेकर गुरुवार को सीएम ने समाज के लोगाें से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। सीएम मनोहर लाल खट्‌टर ने ब्राह्मण समाज के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हरियाणा निवास पर सुबह 11:20 बजे बैठक की, जो एक घंटे तक चली। इस दौरान हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी ) के चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। साथ ही परीक्षा के लिए पेपर तैयार करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। प्रकाशक को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया है। वहीं, पुलिस के अलावा एक उच्च स्तरीय आयोग से भी मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि आयोग में कौन शामिल होगा और जांच कब तक पूरी होगी।

रिटायर जज से जांच की सलाह दूंगा

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग सरकार ही बनाती है। सरकार चेयरमैन को सस्पेंड कर सकती है। ऐसे में जांच कोई भी प्रिंसिपल सेक्रेटरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव भी कर सकता है। लेकिन यदि सरकार राय लेगी तो मैं रिटायर जज से जांच कराने की सलाह दूंगा। क्योंकि यह चेयरमैन के स्तर का मामला है।

- बलदेव राय महाजन, एडवोकेट जनरल, हरियाणा

लापरवाही मिली तो एग्जामिनर पर भी कार्रवाई

बैठक में प्रदेशभर से आए ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, विधायक टेकचंद चंद शर्मा, मूलचंद शर्मा, नरेश कौशिक, दिनेश कौशिक और बोर्ड व निगम के कई चेयरमैन भी थे। सीएम ने ज्ञापन में रखी गई दोनों मांगे मान लीं। बैठक के बाद रामबिलास शर्मा ने बताया कि जांच में मुख्य एग्जामिनर की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उधर ब्राह्मण समाज से जुड़े हरिराम शर्मा ने कहा कि सीएम ने हमारी मांगें मान ली हैं, इससे संतुष्ट हैं। समाज सोनीपत समेत अन्य जगह जो धरने चल रहे हैं, उन्हें समाप्त करेगा। आगे के प्रोग्राम भी रद्द कर दिए हैं।

ये है मामला

एचएसएससी की ओर से 10 अप्रैल को हुडा के जूनियर इंजीनियर सिविल पद के लिए परीक्षा में प्रश्न नंबर-75 में पूछा गया था कि हरियाणा में कौन-सा अपशकुन नहीं माना जाता है? विकल्प में खाली घड़ा, फ्यूल भरा कास्केट, काले ब्राह्मण से मिलना, ब्राह्मण कन्या को देखना दिया गया था। सही उत्तर ‘ब्राह्मण कन्या को देखना’ दिया गया था। इस पर ब्राह्मण समाज में रोष था। वहीं, एचएसएससी चेयरमैन भारत भूषण भारती का कहना है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।

आगे क्या : भर्ती प्रक्रिया हो सकती है प्रभावित

आयोग के ही किसी सीनियर मेंबर को कार्यवाहक चेयरमैन बनाया जाएगा।

जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उन्हें भी केस में शामिल किया जाएगा।

चूंकि आयोग एक ऑटोनोमस बॉडी है, इसलिए एडवाेकेट जनरल से कानूनी सलाह ली जाएगी कि कमीशन में किसी सीटिंग जज को शामिल किया जाए या रिटायर जज व अन्य किसी उच्चाधिकारी से जांच कराई जाए

यदि चेयरमैन दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है।

आयोग में चल रही भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती हैं।

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