मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर किसान समुदाय की मुश्किलों को हल करने के लिए प्रधानमंत्री को एकमुश्त कृषि ऋण माफ करने का ऐलान करने की अपील की है। प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में सामाजिक-आर्थिक अशांति से बचने के लिए भारत सरकार के तुरंत दख़ल की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ऋण माफी योजना संबंधी राज्य सरकार की तरफ से बार -बार की गई विनतियों के बावजूद इस संबंध में कोई उत्साहजनक स्वीकृति नहीं मिली। उन्होंने आजीविका के साथ किसी भी तरह का समझौता न किये जाने को यकीनी बनाने के लिए एकमुश्त राहत की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण के निरंतर दबाव के कारण किसानों की आत्महत्याओँ की संख्या बढ़ रही है और उनमें बड़े स्तर पर असंतोष फैल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान दिए जाने की जरूरत पर ज़ोर दिया है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कृषि ऋण माफी संबंधी प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाना चाहिए और किसानों की मुश्किलें घटानीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए कृषि सेक्टर को ज़्यादा लचीला और आर्थिकता को पुनरूत्थानशील बनाना चाहिए।
पंजाब सरकार 2 लाख किसानों का 999 करोड़ माफ कर चुकी
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि सूबा सरकार ने अपने स्तर पर सभी छोटे और सीमांत किसानों को 2 लाख रुपए के संस्थाई कर्जे की माफी की राहत मुहैया करवाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार की तरफ से 8.75 लाख किसानों जिनके 10.21 लाख कृषि ऋण खाते हैं, को तकरीबन 9500 करोड़ रुपए की कुल कर्ज राहत मुहैया करवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि अब तक 2.02 लाख किसानों को 999.67 करोड़ रुपए की कर्ज राहत दी जा चुकी है।