पंजाब पुलिस के चंडीगढ़ स्थित डीजीपी आॅफिस के अलग-अलग विंग्स में कुछ अफसर और मुलाजिम 10 से 15 सालों से एक ही सीट पर जमे हुए हैं। जबकि नियमों के अनुसार कोई भी अफसर या मुलाजिम एक सीट पर 3 साल से ज्यादा नहीं रह सकता। तबादला करना जरूरी है लेकिन डीजीपी ऑफिस में इस नियम की अनदेखी हो रही है। इसका असर काम कराने आने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
आरोप है कि अफसरों और मुलाजिमों को खुश किए बिना काम नहीं होते या काम के लिए कई चक्कर काटने पड़ते हैं। इस संबंधी शिकायतें डीजीपी आॅफिस में पहुंच रही हैं।
ब्यूरो आॅफ इन्वेस्टिगेशन में ज्यादा दिक्कत : सबसे ज्यादा परेशानी क्राइम ब्रांच यानी ब्यूरो आॅफ इन्वेस्टीगेशन में काम कराने आने वाले लोगों को हो रही है। यहां कई सालों से अफसरों के रीडर, सुपरिंटेंडेंट, क्लर्क, सीनियर असिस्टेंट और असिस्टेंट एक ही सीट पर जमे हैं। इससे पब्लिक डीलिंग में दिक्कत आ रही है।
लोगों को काम कराने में आ रही परेशानी, काट रहे चक्कर
डीजीपी बोले-चैक करेंगे
पंजाब पुलिस के प्रशासन विंग के अफसर इस मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं। इसका कारण यह भी है कि कई कर्मचारी यहां तैनात होने के लिए राजनीतिक दबाव तक डलवाते हैं। इस मामले में डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना है कि इसे लेकर चेक किया जाएगा। प्रशासन विंग इस बारे में फैसला लेगा।