स्कूल न जाने वाली बेटियाें को भी मिलेगा पोषाहार
स्कूल न जाने वाली 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को सुविधा एवं शिक्षा प्रदान करने व सशक्त बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों में किशोरियों के लिए योजना लागू होगी। योजना आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आईसीडीएस योजना की आंगनबाड़ी के जरिए लागू की जाएगी। यह योजना छह जिलों में लागू थी।
सीएम ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। पंजीकृत स्कूल न जाने वाली प्रत्येक किशोरी को उसी प्रकार पूरक पोषाहार प्रदान किया जाएगा जैसे कि आईसीडीएस के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को प्रदान की जाती है। उन्हें एक वर्ष में 300 दिनों के लिए 600 कैलोरी, 18 से 20 ग्राम प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान किए जाते हैं। उन्हें टेक होम राशन या हॉट कुकड मील जो भी संभव होगा, वही पोषाहार दिया जाएगा। वित्तीय मानदंड वर्ष में 300 दिनों के लिए 9.5 रुपए प्रति लाभानुभोगी प्रति दिन होगा और इसमें सूक्ष्म पोषक तत्व की लागत शामिल होगी। भारत सरकार और राज्य सरकार 50:50 के अनुपात में पूरक पोषाहार की लागत साझा करेंगी।
किशोरियों को शिक्षित करना है उद्देश्य : योजना का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को शिक्षित और सशक्त बनाना है ताकि वे आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सकें। किशोरियों को स्वयं के विकास और सशक्तिकरण के योग्य बनाना, उनके पोषाहार और स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारना, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषाहार के बारे जागरूकता उत्पन्न करना, स्कूल न जाने वाली किशोरियों को बाहर के समर्थन से सफलतापूर्वक औपचारिक स्कूली शिक्षा या ब्रिज लर्निंग एवं कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना, उनके गृह आधारित कौशल और जीवन कौशल को सुधारना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, ग्रामीण अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, डाकघर, बैंक और पुलिस स्टेशन जैसी मौजूदा सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जानकारी देना और मार्गदर्शन करना है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने बताया कि योजना 11 से 14 वर्ष की आयु वर्ग में स्कूल न जाने वाली लड़कियों के लिए होगी। ये लड़कियां इस योजना के तहत पूरक पोषाहार की हकदार होंगी। उन्हें जीवन कौशल शिक्षा, पोषाहार और स्वास्थ्य शिक्षा, सामाजिक-कानूनी मुद्दों एवं विद्यमान सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।
आंगनबाड़ियों के माध्यम से लागू होगी योजना, 11 से 14 साल की लड़कियों को मिलेगा लाभ
लड़कियों को कौशल प्रशिक्षण के लिए करेंगे प्रेरित
इसके तहत 11 से 14 वर्ष की आयु वर्ग में स्कूल न जाने वाली लड़कियों योजना लड़कियों को औपचारिक स्कूली शिक्षा या कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस घटक की अन्य सेवाओं में आयरन-फोलिक एसिड पूरक, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं, पोषाहार और स्वास्थ्य शिक्षा, जीवन कौशल शिक्षा एवं परामर्श और सार्वजनिक सेवाएं प्राप्त करने बारे मार्गदर्शन करना शामिल है। गैर पोषण सेवाएं संबंधित विभागों के साथ अभिसरण स्थापित करके स्कूल न जाने वाली लड़कियों को 1.1 लाख रुपए प्रति योजना प्रति वर्ष की दर से उपलब्ध करवाई जाएंगी।