- Hindi News
- National
- पंजाब और हरियाणा के 260 शराब के ठेकों पर एनएचएआई ने क्या कार्रवाई की: हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा के 260 शराब के ठेकों पर एनएचएआई ने क्या कार्रवाई की: हाईकोर्ट
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से हाईवे तक पहुंच की परमिशन लेकर ठेका चलाने के मामले में मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए एनएचएआई से कार्रवाई की जानकारी मांगी है। जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने एनएचएआई से इस बारे में एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। एनएचएआई ने 260 शराब के ठेकों को इस बारे में नोटिस दिया था। हाईकोर्ट ने इससे पहले कहा था कि नेशनल और स्टेट हाईवेज के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद पंजाब और हरियाणा में बड़ी संख्या में चल रहे ठेकों हाईवे तक पहुंचने के रास्ते के लिए एनएचएआई से अनुमति लेनी होगी।
हाईकोर्ट ने फैसले में कहा था कि शराब ठेका भले ही एमसी एरिया में हो या फिर कस्बे से बाहर सभी को हाईवे तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने के लिए एनएचएआई से अनुमति लेना होगा। चंडीगढ़ की स्वयं सेवी संस्था अराइव सेफ के अध्यक्ष हरमन सिद्धू की तरफ से जनहित याचिका दायर कर कहा गया कि दिसंबर माह में सुप्रीम कोर्ट ने ही नेशनल और स्टेट हाईवेज के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। साथ ही सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि वर्ष 2017-2018 की एक्साइज पालिसी में ऐसा प्रावधान बनाया जाय जिसके तहत नेशनल और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब ठेके के लाइसेंस न दिए जाएं।
ठेकों को बंद कराया जाए
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नेशनल हाईवेज पर इन ठेकों को लेकर कोई साइन बोर्ड, विज्ञापन और लाइट्स न लगाई जाएं जिससे इन ठेकों तक पहुंचने का रास्ता बताया जाए। हाईवे पर इन तरह की लाइट्स व बोर्ड वाहन चालक का ध्यान भंग करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों के बावजूद दोनों राज्यों में न केवल नेशनल हाइवे पर शराब के ठेके चल रहे हैं बल्कि हाईवे पर इनके बड़े बड़े विज्ञापन और फेंसी लाइट्स भी लगाई गई हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। ऐसे में इन शराब ठेकों को बंद कराया जाए।