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द गुरुकुल में सोलर प्लांट से हर रोज बन रही 250 यूनिट बिजली

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ के 81 स्कूलों में सोलर प्लांट लगाने के बाद अब पंचकूला में भी स्कूलों में सोलर प्लांट लगने शुरू हो गए हैं। 3 स्कूलों में तो पहले ही यह प्लांट लग चुके थे और अब द गुरुकुल सेक्टर-20 पंचकूला में भी सोलर प्लांट शुरू हुआ है। 50 मेगावॉट का यह प्लांट 8 लाख रुपए की लागत से लगाया गया है। इससे स्कूल में हर रोज करीब 250 यूनिट बिजली बन रही है। गुरुकुल की छत पर 30 लाख की लागत से लगे सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग कनेक्शन से जोड़ा गया है। हालांकि 10 लाख रुपए की सब्सिडी मिलने से यह लागत 20 लाख रुपए हो गई है। इस प्लांट का फायदा यह है कि स्कूल जितनी बिजली प्रोड्यूस कर रहा है वह सारी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) को दी जा रही है। सर्दियों में स्कूल में हर रोज करीब 200 यूनिट खर्च होती हैं। जबकि गर्मियों में 300 से 350 यूनिट बिजली। ऐसे में स्कूल चाहे 250 यूनिट को प्रोड्यूस करे, लेकिन उसका काफी खर्च बच रहा है। क्योंकि उसे गर्मियों में हर रोज 50 से 100 यूनिट बिजली का ही बिल देना होगा।

4 स्कूलों में कुल 850 यूनिट प्रोडक्शन हर रोज...

पंचकूला में पहले सिर्फ एक ही प्राइवेट स्कूल में सोलर प्लांट था जो कि मानव मंगल स्कूल सेक्टर-11 में था। इस स्कूल में 30 किलोवॉट का प्लांट लगाया गया। इस साल 3 अन्य प्राइवेट स्कूलों में भी सोलर प्लांट लग गए हैं। फरवरी में हंसराज पब्लिक स्कूल सेक्टर-6 और ब्लू बर्ड स्कूल सेक्टर-16 में यह प्लांट शुरू हुआ। हंसराज में यह प्लांट 40 किलोवॉट का लगा जबकि हंसराज में 50 किलोवॉट का लगाया गया है। इसके बाद मई में द गुरुकुल सेक्टर 20 में 50 किलोवॉट का प्लांट शुरू हुआ। यह चारों स्कूल मिलाकर 850 यूनिट बिजली हर रोज प्रोड्यूस कर रहे हैं।

बिजली का लोड पहले से कम होगा...

यह सभी स्कूल कितनी ज्यादा बिजली बचा पा रहे हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक स्कूल हर रोज करीब 250 यूनिट बिजली प्रोड्यूस करता है जबकि 4 मेंबर के एक परिवार की बिजली की एवरेज 500 यूनिट प्रति महीने का खर्च आता है। ऐसे में इन गर्मियों में पंचकूला के लोगों को बिजली का फायदा मिलेगा और बिजली का लोड भी पहले से कम हो पाएगा।

चंडीगढ़ के स्कूल हर रोज 15 हजार यूनिट बिजली प्रोड्यूस करते हैं... अगर चंडीगढ़ की बात करें तो शहर में 81 गवर्नमेंट स्कूलों में सोलर प्लांट लगा गए हैं। इन सब में मिलाकर करीब 15 हजार यूनिट बिजली हर रोज प्रोड्यूस होती है। ऐसे में स्कूलों को जितनी बिजली चाहिए उससे 80% बिजली का खर्च यह अपने सोलर प्लांट से ही पूरा कर लेते हैं।

सोलर प्लांट लगवाने के लिए अब 6 महीने की एक्सटेंशन मिलेगी

15 संस्थाओं ने की थी और समय देने की मांग, आखिरी फैसला आज

सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

1 कनाल या इससे बड़े मकानों में सोलर प्लांट लगाने की आखिरी तारीख 17 मई को पूरी हो चुकी है। लेकिन अब प्रशासन ये तारीख आगे बढ़ाएगा। प्रशासन ने 6 महीने की एक्सटेंशन सोलर प्लांट लगाने को लेकर देने के बारे में तय किया है। हालांकि इसको लेकर आखिरी फैसला आज होने वाली मीटिंग में लिया जाएगा। इससे उन लोगों को फायदा होगा जिनके घर एक कनाल या इससे ज्यादा बड़ी कैटेगरी के हैं और इन्होंने अभी तक सोलर प्लांट नहीं लगाए हैं। इसको लेकर प्रशासन ने मई 2016 में बिल्डिंग बायलॉज में सोलर प्लांट लगाने को कंपल्सरी किया था। जिसके लिए उस वक्त 2 साल का टाइम दिया गया था और ये 2 साल 17 मई को पूरे हो चुके हैं । इसको लेकर करीब 15 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, इंडस्ट्रीज व सीनियर सिटीजंस ने रिप्रेजेंटेंशन चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) ऑफिसर्स से लेकर एडवाइजर तक को देकर मांग की थी कि सोलर प्लांट लगाने के लिए एक्सटेंशन मिलनी चाहिए। आखिरी तारीख के चलते करीब 650 लोगों ने क्रेस्ट की वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन सोलर प्लांट लगाने को लेकर की है। लोगों को कहा गया है कि वे कैटेगरी वाइज अपने हाउसेज में सोलर प्लांट लगा लें।

6 महीने बाद मौका नहीं मिलेगा...

हालांकि 6 महीने की एक्सटेंशन दी जा रही है, लेकिन इसके बाद मौका नहीं मिलेगा। इसमें उन संस्थाओं के साथ भी मीटिंग होगी जिनकी रिप्रेजेंटेंशन एक्सटेंशन देने को लेकर आई है। इनसे भी प्रशासन अपने-अपने एरिया में सोलर प्लांट लगाने के लिए काम करने को कहा जाएगा।

सब्सिडी के साथ लगवाना है तो ऐसे कर सकते हैं अप्लाई

सोलर प्लांट लगाने के लिए आप क्रेस्ट के सेक्टर-19 स्थित ऑफिस में अप्लाई कर सकते हैं। www.crestchd.org.in/ की बेवसाइट पर भी आप सोलर प्लांट लगाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा www.solarchandigarh.com पर जाकर भी अप्लाई कर सकते हैं। आपकी छत के कितने एरिया में कितनी कैपेसिटी का प्लांट लगेगा, कितना खर्चा इस पर आएगा सब्सिडी मिलाकर और बिना सब्सिडी के ये भी आप इस वेबसाइट पर जाकर कैलकुलेट कर सकते हैं।

सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

1 कनाल या इससे बड़े मकानों में सोलर प्लांट लगाने की आखिरी तारीख 17 मई को पूरी हो चुकी है। लेकिन अब प्रशासन ये तारीख आगे बढ़ाएगा। प्रशासन ने 6 महीने की एक्सटेंशन सोलर प्लांट लगाने को लेकर देने के बारे में तय किया है। हालांकि इसको लेकर आखिरी फैसला आज होने वाली मीटिंग में लिया जाएगा। इससे उन लोगों को फायदा होगा जिनके घर एक कनाल या इससे ज्यादा बड़ी कैटेगरी के हैं और इन्होंने अभी तक सोलर प्लांट नहीं लगाए हैं। इसको लेकर प्रशासन ने मई 2016 में बिल्डिंग बायलॉज में सोलर प्लांट लगाने को कंपल्सरी किया था। जिसके लिए उस वक्त 2 साल का टाइम दिया गया था और ये 2 साल 17 मई को पूरे हो चुके हैं । इसको लेकर करीब 15 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, इंडस्ट्रीज व सीनियर सिटीजंस ने रिप्रेजेंटेंशन चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) ऑफिसर्स से लेकर एडवाइजर तक को देकर मांग की थी कि सोलर प्लांट लगाने के लिए एक्सटेंशन मिलनी चाहिए। आखिरी तारीख के चलते करीब 650 लोगों ने क्रेस्ट की वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन सोलर प्लांट लगाने को लेकर की है। लोगों को कहा गया है कि वे कैटेगरी वाइज अपने हाउसेज में सोलर प्लांट लगा लें।

6 मेगावॉट बिजली हर रोज जेनरेट हो पाएगी

अभी तक जितने लोगों ने अपने घरों में सोलर प्लांट लगाएं हैं या फिर अप्लाई किया है उससे करीब 6 मेगावॉट बिजली हर रोज जेनरेट हो पाएगी। करीब 315 बिल्डिंग में अभी तक प्लांट लगे हैं। जिनसे करीब 80 हजार यूनिट बिजली हर रोज जेनरेट होती है। यानि महीने में करीब 24 लाख यूनिट बिजली चंडीगढ़ खुद तैयार कर रहा है। चंडीगढ़ को सोलर एनर्जी से बिजली जेनरेट करने का टारगेट 2022 तक 50 मेगावॉट का रखा है। अभी तक करीब 20.75 मेगावॉट बिजली सोलर से बनाई जा रही है।

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