- Hindi News
- National
- पीजीआई में आग शॉर्ट सर्किट से नहीं इलेक्ट्रिक निडल कटर के स्पार्क की वजह से लगी : कमेटी
पीजीआई में आग शॉर्ट सर्किट से नहीं इलेक्ट्रिक निडल कटर के स्पार्क की वजह से लगी : कमेटी
1. ओटी नंबर-3 बहुत छोटी है। इसका साइज 21 बाई 17.5 फीट है। यहां ओटी टेबल, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, नर्सिंग ट्रॉली, ड्रग ट्रॉली रखी होती है। ऑपरेशन के वक्त यहां 7 मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद रहता है। इस कारण साइज बड़ा करना जरूरी है।
2. ओटी में मेनुअल निडल कटर का ही इस्तेमाल होना चाहिए। इसके अलावा हॉस्पिटल में भी इलेक्ट्रिक निडल कटर का इस्तेमाल पर रोक लगा देनी चाहिए।
3. ऑक्सीजन के अलावा अन्य ज्वलनशील एनेस्थेटिक गैसेस और फ्लूड की जब जरूरत नहीं हो उन्हें स्विच ऑफ कर देना चाहिए।
4. गैस पर आधारित फ्लडिंग सिस्टम ऑपरेशन थियेटर में इंस्टॉल करना चाहिए। जो वर्तमान फायर सिस्टम से ज्यादा कारगर होता है। इसकी मदद से किसी इमरजेंसी में जान माल का नुकसान कम होता है।
5. ऑपरेशन थियेटर और कॉरिडोर में हाई प्रेशर स्मोक एग्जॉस्ट फैन लगाए जाने चाहिए। इनमें अल्टरनेट पावर सप्लाई की व्यवस्था होनी चाहिए। इसकी मदद से आगजनी की घटना के वक्त धुएं को जल्द से जल्द बाहर निकालने में मदद मिलती है।
6. ऑपरेशन थियेटर की बेक साइड से एडवांस ट्रॉमा सेंटर के बीच पैसेज बनाया जाना चाहिए। ताकि इमरजेंसी ओटी और ट्राॅमा सेंटर को जोड़ा जा सके।
7. पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्युशर ऑपरेशन थियेटर में लगाए जाने चाहिए।