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मृतक की पत्नी को 20 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ | अमृतसर के अकाली नेता मुखजीत सिंह मुक्खा के फेक एनकाउंटर मामले में मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 20 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस राकेश कुमार जैन ने फैसले में कहा कि पंजाब सरकार ने इस मामले में मृतक मुखजीत की प|ी याची हरजीत कौर को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया है जो काफी कम है। ऐसे में 15 लाख रुपये मुआवजा और दिया जाए। इससे पहले पंजाब सरकार की तरफ से मुक्खा पर दर्ज मामलों की जानकारी देते हुए कोर्ट में कहा गया था कि तीन मामलों में दोषमुक्त व एक मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दी जा चुकी है। मुखजीत सिंह की प|ी हरजीत कौर की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि 16 जून 2015 को उनके पति का पुलिस ने गलत पहचान का मामला बताकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मुखजीत को पुलिस की 23 गोलियां लगी थी। पंजाब के उप मु़ख्यमंत्री ने इस मामले में मृतक की प|ी को सरकारी नौकरी और मुआवजा देने की बात कही थी लेकिन महज पांच लाख रुपये मुआवजा देकर मामले को शांत कर दिया गया। इसके अलावा दोषी पुलिस कर्मियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची के वकील मोहिंदर कुमार ने कहा कि पुलिस ने योजनाबद्ध ढंग से हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया। मुखजीत की कार को रोकने के बाद उसकी पहचान होने के बाद पुलिस ने उस पर गोलियां चलाई। पुलिस ने इस मामले में गलती को मानते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवान पूरिया कार में जा रहा है। वाहन चालक ने रोकने पर गोलियां चलाई जिसके जवाब में गोली चलाई गई थी। याचिका में कहा गया कि इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) भी गठित की गई थी लेकिन दबाव के चलते आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में कहा गया कि कुछ ही दिन बाद पुलिस ने जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवान पूरिया को ट्रैप लगाकर पकड़ भी लिया था।

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