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घर में घुसा चोर तो लगेगा करंट, एप बताएगा कौन सी एक्सरसाइज जरूरी

3 वर्ष पहले
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ननु जोगिंदर सिंह| चंडीगढ़ nj.singh@dbcorp.in

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रहे अोपन हाउस में सर्किटल ब्रांचेज में विजेता रहा ब्रेल टैबलेट। खुशवंत राय ईश्वर टंडन, सिमरन कौर और गरिमा शुक्ला की टीम ने इस टैबलेट को करीब 4 महीने की मेहनत से तैयार किया है। यह यूएसए या अन्य देशों में मौजूद ब्रेल टैबलेट से काफी सस्ता होगा। इलेक्ट्रॉनिक बेस इस सिस्टम का भार कम होगा और रेट लगभग एक तिहाई। अब तक मौजूद टैबलेट की कीमत करीब 38 हजार रुपए से अधिक है। गरिमा ने बताया कि उन्होंने इस टैबलेट को ब्लाइंड स्कूल सेक्टर-26 में ट्राई कराया था और उनको अच्छा फीडबैक मिला। नेत्रहीन लोगों की सजेशन के अनुसार इसमें चेंज भी किए गए हैं। इस कैटेगरी में सेकंड रहा आई वाेट तैयार करने वाली टीम। इसमें निखिल अग्रवाल, सौरव, कपिल और किरणदीप हैं। इसमें उन्होंने ऐसा वोटिंग सिस्टम तैयार किया है जिसमें खर्च काफी कम हो जाएगा और वोटर के लिए वोट करना भी आसान होगा। इससे नकली वोट डालने का खतरा भी नहीं रहेगा क्योंकि यह सिस्टम पहचान पर आधारित होगा। टेक्निकल सोसाइटी कैटेगरी में पहला स्थान मिला है जेस्चर कंट्रोल व्हीलचेयर वाले सिस्टम को। इसमें मोबाइल के जरिए व्हीलचेयर के साथ पूरे घर को बैठे-बैठे मैनेज करना संभव है।

ब्रेल टैबलेट बनाने वाली टीम।

लविश, अनमोल, आस्था और नाहम की टीम ने ऐसा एंटी थेफ्ट सिस्टम तैयार किया है जिसमें घर के अंदर सिर्फ घर वाले ही घुस सकेंगे। चंडीगढ़ में 45 फीसदी लोग अपने घर को असुरक्षित मानते हैं। इस आंकड़े को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट्स ने ऐसा सिस्टम तैयार किया है जिसमें घर वालों की एंट्री एक खास पासवर्ड से होगी। इसके बाद पीजो इलेक्ट्रिक, अल्ट्रासॉनिक और आईआर सिस्टम होगा जिसमें सेंसर पहचान लेंगे कि घर के अंदर कोई बाहरी आदमी घुस रहा है। बाहरी आदमी घर का दरवाजा तो खोल सकेगा लेकिन दरवाजे पर लगी स्टेन गन से उसको 1800 डीसी वोल्ट का झटका लगेगा और घर में चोर के घुसने की जानकारी घर के मालिक और पुलिस दोनों के पास पहुंच जाएगी। झटका लगते ही दरवाजा बंद हो जाएगा और मालिक या पुलिस के आने पर ही इसको खोला जा सकेगा। इस सिस्टम को पांच हजार से भी कम खर्च करके घर में लगाया जा सकता है।

यह प्रोजेक्ट भी रहे खास...

पूरी क्लास लगाएंगे तभी लगेगी अटेंडेंस...हरजोत सिंह और यशस्वी बनाएं की टीम ने एक ऐसा अटेंडेंस सिस्टम तैयार किया है जो क्लाउड बेस होगा। इसमें स्टूडेंट का चेहरा पहचान कर अटेंडेंस लग जाएगी लेकिन स्टूडेंट क्लास बीच में छोड़कर अगर बाहर जाएगा तो उसकी अटेंडेंस नहीं लगेगी।

सही एक्सरसाइज कराएगा वर्चुअल ट्रेनर...करण भनोट, जतिन गोयल, आकाश गोयल और रोबिन गौतम ने एक वर्चुअल ट्रेनर तैयार किया है। एंड्रायड एप बेस ट्रेनर एक्सरसाइज करते समय आपको बताएगा कि आप को कितनी देर और कौन सी एक्सरसाइज करनी है। फोन में एक एप्लीकेशन से मरीज और स्वस्थ के लिए अलग-अलग एक्सरसाइज होगी।

डस्टबिन भरने का एसएमएस...

अनुष्का, आरुषि जैन, प्रेरणा शर्मा और शिवांगी चोपड़ा ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक ऐसा सेंसर तैयार किया है जिसमें शहर के सभी बड़े डस्टबिन की निगरानी के लिए किसी मुलाजिम को नहीं जाना होगा। एसएमएस से एमसी में जानकारी पहुंच जाएगी कि डस्टबिन 50 भरे हैं या 70 फीसदी या इनको अब खाली करना चाहिए।

अपने आप चलेगी कार...नमन जिंदल, शुभम, हर्षित त्यागी, मितेश कक्कड़ और विशाल ने एक ऐसी गाड़ी तैयार की है जो अपने आप चलेगी। एक तय ट्रैक पर बिना ड्राइवर के गाड़ी ट्रैफिक लाइट समझेगी, सारे साइन समझेगी और आगे से टक्कर का बचाव भी करेगी। ऐसी गाड़ियां यूएसए में चल रही हैं।

डैम के गेट खुद हो जाएंगे बंद...डेम्ज पर पावर जेनरेशन को बेहतर करने के लिए उत्कर्ष, साहिल गुप्ता, तरुण चोपड़ा, राघव गौतम और प्रणव गुप्ता की टीम ने एक ऐसा सेंसर कंट्रोल सिस्टम बनाया है जिसमें गेट अपने आप खुल जाएंगे और अपने आप ही बंद हो जाएंगे। फ्लड जैसी सिचुएशन में बटन के जरिए कंट्रोल करना भी संभव होगा।

एलईडी से चलेंगे वाईफाई...आयुष व गजेंद्र की टीम ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है जिसमें एलईडी लाइट की मदद से डाटा ट्रांसफर हो सकेगा। वह वाईफाई सिस्टम को अब तक चल रहे वेव्स आधारित सिस्टम की बजाय एलईडी लाइट्स के जरिए चलाने की सफल कोशिश कर चुके हैं। इसमें बिजली का खर्च बचाने के लिए पूरे सिस्टम को सोलर आधारित बनाया गया है।

जहां इंसान नहीं जा सकते, जाएगा हाथ...आदेश गुप्ता, विश्वजीत प्रधान, सुरेश अग्रवाल, यतिन गुप्ता और शिवम कथूरिया की टीम ने ऐसा रोबोटिक हैंड बनाया है जो बम को डिस्पोज ऑफ करने । इसे अब तक उन्होंने जीपीएस और तारों के जरिए तैयार किया है हालांकि इसके सिस्टम में बदलाव करके इसे काफी दूर से भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आदेश ने बताया कि आयरन मैन फिल्म को देखकर उसे ये आइडिया आया।

जैसे आप हाथ मूव करोगे वैसे ही रोबोटिक हैंड मूव करेगा।

चोर घुसा तो अंदर ही हो जाएगा बंद...

दूसरे दिन स्कूल स्टूडेंट्स ने देखे पेक स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट्स

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