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पीजीआई में 2012 में सीबीआई ने पकड़ी थी हाईटेक चीटिंग, 31 किए थे गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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10 नवंबर 2012 के इस केस में सीबीआई को सूचना मिली थी कि पीजीआई के एमडी/एमएस एंट्रेंस एग्जाम में हाईटेक तरीके से नकल हो रही थी। आंध्र प्रदेश के गुरिवी रेड्‌डी, डॉ. गंगाधर रेड्‌डी और डॉ. कोटेश ने मिलकर इस पूरे स्कैम को अंजाम देना था। इन्होंने किसी और की जगह एग्जाम देने के लिए डमी कैंडिडेट्स तैयार किए थे। उनके लिए गुरिवी रेड्‌डी ने होटल केसी रेजिडेंसी से-35, से-22 के होटल रॉयल इन और होटल लैंडमार्क में कमरे बुक करवाए थे। लेकिन एग्जाम के दिन ही सीबीआई ने एग्जामिनेशन सेंटर पर रेड की और आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। पहले पुलिस ने 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में कुल 31 आरोपी इस केस में अरेस्ट हुए।

ऐसे होनी थी चीटिंग...पेपर के लिए डमी कैंडिडेट तैयार किए गए जिनमें ज्यादातर लड़कियां थीं। इन सभी के पास मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, बटन होल कैमरा और अन्य हाईटेक गैजेट्स थे। इन कैंडिडेट्स को क्वेश्चन पेपर की फोटो खींचकर एक एप्लीकेशन पर अपलोड करनी थी। क्वेश्चन पेपर की फोटो पटना में डॉ. गंगाधर और हैदराबाद में डॉ. कोटेश के पास जानी थी जिन्हें फिर पेपर को सॉल्व कर आगे गुरिवी रेड्‌डी को भेजना था। गुरिवी रेड्डी ने फिर आगे इन सॉल्व हुए पेपर को एग्जाम में बैठे कैंडिडेट्स को भेजना था। लेकिन इस पूरी प्लानिंग से पहले ही सीबीआई ने रेड कर दी थी।

केस में ये रोल था इन आरोपियों का...

अब्दुल जब्बार...इस पूरे षडयंत्र में अब्दुल जब्बार की भी अहम भूमिका थी। जिन लड़कियों को डमी कैंडिडेट बनाकर चंडीगढ़ भेजा गया था उनकी एयर टिकट बुक करवाने की जिम्मेदारी अब्दुल की ही थी। अब्दुल ने रेड्‌डी के साथ मिलकर बहलाना गांव से सिम कार्ड खरीदे थे जो इस केस में इस्तेमाल किए गए थे।

गली सुभद्रा...सुभद्रा ने फर्जी नाम से दो एप्लीकेशन फॉर्म पीजीआई में जमा करवाए थे। इसमें उन्होंने खुद को एमबीबीएस स्टूडेंट बताया था जबकि वह कभी मेडिकल की स्टूडेंट रही ही नहीं थीं। वह चंडीगढ़ में एग्जाम के लिए आई थी, लेकिन अपीयर नहीं हुई।

आर. प्रमीला...सुभद्रा की तरह प्रमीला ने भी रेड्‌डी का साथ दिया। उसने भी पीजीआई में दो फर्जी नामों से एप्लीकेशन फॉर्म जमा करवाए थे और खुद को एमबीबीएस स्टूडेंट बताया था जबकि वह भी मेडिकल स्टूडेंट नहीं रही थीं।

हरी प्रिया...इनकी भूमिका भी इस केस में ऐसी ही थी। इन्होंने भी खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताया था। इन्हें भी रेड्‌डी ने किसी और की जगह एग्जाम देने के लिए तैयार किया था।

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