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टीचर्स भर्ती रद्द करने की सिफारिश का 1000 से ज्यादा टीचर्स ने किया विरोध

3 वर्ष पहले
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रैली ग्राउंड सेक्टर-25 में पहुंचकर किया प्रोटेस्ट

चंडीगढ़ | 2015 में लगे टीचर्स अपनी नौकरी को बचाने के लिए रैली ग्राउंड सेक्टर-25 में पहुंचे हुए थे। टीचर्स ने ये रोष प्रदर्शन ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आहवान पर निकाला। प्रदर्शन में लगभग 1000 से अधिक टीचर्स ने लगभग 2 घंटे तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और ऐलान किया कि अगर उनकी भर्ती रद्द की गई तो टीचर्स सड़कों पर उतरेंगे और 144 धारा को तोड़ा जाएगा। टीचर्स ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि ये तो अभी टीचर्स का पहला कदम है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान भाग सिंह कैरों ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गठित एसआईटी और गवर्नर द्वारा गठित छः मेंबर्स कमेटी द्वारा की गई भर्ती रद्द करने की सिफारिश गलत है। 880 से अधिक टीचर्स इन दिनों टेंशन में है और उनका कहना है कि किसी भी निर्दोष टीचर को अपनी मासूमियत साबित करने का मौका दिए बिना किसी की सेवाओं का छीन लेना अन्याय है। यह सीधे तौर पर मौलिक अधिकारों के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।

कई तो ओवरएज हो गए हैं: कमेटी के जनरल सेक्रेटरी रणबीर राणा ने कहा कि 427 शिक्षकों पर किए गए एक सर्वेक्षण के तहत इन शिक्षकों में से 48% केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, पुलिस विभाग, महाविद्यालयों एवं अन्य सरकारी नौकरियों से आए है जिनके लिए पूर्व सेवाओं में जाना असंभव है। 58% शिक्षक सरकारी सेवाओं के लिए अपनी आयु सीमा खो चुके हैं। 33% शिक्षकों ने इस जॉब के आधार पर लोन ले रखा है और 15% शिक्षकों ने कई जॉब को पिछले साल में ठुकराया है।

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