पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पंजाबी ही नहीं दूसरी भाषाओं के गानों के बोल भी खराब, सुझाव दें कैसे बैन लगाएं: हाईकोर्ट

पंजाबी ही नहीं दूसरी भाषाओं के गानों के बोल भी खराब, सुझाव दें कैसे बैन लगाएं: हाईकोर्ट

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गानों में लगातार बढ़ रही हिंसा, अश्लीलता व शराब के चलन को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं की छवि खराब करने वाले गीतों पर पूरी तरह रोक लगाने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस टीएस ढींढसा की खंडपीठ ने कहा कि गानों के बोल बेहद खराब हैं। ऐसे में एमिकस क्यूरी (अदालत के सहयोगी) वकील इस पर सुझाव दें कि किस तरह इन्हें बैन किया जा सकता है। खंडपीठ ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पंजाबी गीतों में ही आपत्तिजनक बोल हैं। इसके अलावा दूसरी भाषाओं में भी आपत्तिजनक बोल लिखे जा रहे हैं लिहाजा चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार से भी जवाब मांगा है। मामले पर 19 जुलाई के लिए अगली सुनवाई तय की गई है।

पंजाब की तरह बनाया जाए कमीशन

सुनवाई के दौरान याची पक्ष की तरफ से कोर्ट में कहा कि पंजाब सरकार ने इस तरह के गानों पर चेक के लिए कमीशन बनाया है। इसी तरह चंडीगढ़ और हरियाणा में भी पाॅलिसी बने और कमीशन का गठन कर गीतों के बोल चेक किए जाएं। याची की तरफ से अर्जी दायर कर कहा गया कि पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित कल्चरल प्रोग्राम झंकार में भी गन कल्चर को प्रमोट करने वाले गाने सिंगर ने गाए, जोकि युवाओं में अच्छा संदेश देने वाला नहीं है।

यह है मामला... चंडीगढ़ के एक काॅलेज के शिक्षक सेक्टर-41 निवासी पंडित राउ धारेंनवर ने जनहित याचिका दायर कर शादियों व अन्य कार्यक्रमों में अश्लील गानों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। कहा गया कि एक तरफ ये गाने जहां ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं वहीं अप्रिय घटनाओं में बढ़ावा हो रहा है। याचिकाकर्ता ने पिछले दिनों पंजाब के मौड़ मंडी में एक गर्भवती डांसर को कार्यक्रम में गोली लगने के मामले का भी उदाहरण दिया।

सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

गानों में लगातार बढ़ रही हिंसा, अश्लीलता व शराब के चलन को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं की छवि खराब करने वाले गीतों पर पूरी तरह रोक लगाने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस टीएस ढींढसा की खंडपीठ ने कहा कि गानों के बोल बेहद खराब हैं। ऐसे में एमिकस क्यूरी (अदालत के सहयोगी) वकील इस पर सुझाव दें कि किस तरह इन्हें बैन किया जा सकता है। खंडपीठ ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पंजाबी गीतों में ही आपत्तिजनक बोल हैं। इसके अलावा दूसरी भाषाओं में भी आपत्तिजनक बोल लिखे जा रहे हैं लिहाजा चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार से भी जवाब मांगा है। मामले पर 19 जुलाई के लिए अगली सुनवाई तय की गई है।

खबरें और भी हैं...