पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • रिश्वत मांगने के लिए बाइक मालिक के पास पहुंच गया था एसआई, कहा दंड तो भुगतना पड़ेगा

रिश्वत मांगने के लिए बाइक मालिक के पास पहुंच गया था एसआई, कहा- दंड तो भुगतना पड़ेगा

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़ | इंडस्ट्रियल एरिया थाने के जिस सब इंस्पेक्टर को पुलिस ने सोमवार को रिश्वत लेते पकड़ा था, वह बाइक को छोड़ने और उसके मालिक मुन्ना के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने की एवज में 8 हजार रुपए मांग रहा था। जब पीड़ित ने सब इंस्पेक्टर से बात की तो उसने बोला कि पैसे लेकर थाने आ जाना। सीबीआई ने सब इंस्पेक्टर, काॅन्स्टेबल और एक अन्य बिचौलिये अजय को गिरफ्तार किया है। मंगलवार शाम को सीबीआई ने पकड़े गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें ज्यूडीशियल रिमांड पर भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक पीसीआर की जिप्सी ने ‘वाहन चेक एप’ के माध्यम से एक बाइक सवार को रोककर उससे पूछताछ की थी। वह कोई दस्तावेज दिखा नहीं पाया था। सब इंस्पेक्टर सेवा सिंह के पास मामले की जांच आई। सेवा सिंह ने बाइक रिलीज करने और बाइक के मालिक मुन्ना के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने के एवज में रुपयों की मांग करने लगा।

शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग

कॉन्स्टेबल सुमित बोला...

अरे 100 नहीं, एक जीरो और लगा, इससे कुछ न होवेगा

काॅन्स्टेबल : एक बात बताऊं, गाड़ी इम्पाउंड होगी, ज्यादा नहीं बस चार-पांच में काम हो जाएगा।

शिकायतकर्ता : 4-5 सौ?

काॅन्स्टेबल: अरे सौ नहीं, एक जीरो और लगा, उससे कुछ न होवेगा।

शिकायतकर्ता : 4-5 हजार

काॅन्स्टेबल: हां

शिकायतकर्ता : जनाब, इससे कुछ कम नहीं हो सकता, गरीब आदमी हूं। 7 से 8 हजार तो महीने में कमाता हूं।

काॅन्स्टेबल: वो तो मन्नै तेर तै सरकारी खर्चा बताया सै।

शिकायतकर्ता : अच्छा...

शिकायतकर्ता-सब इंस्पेक्टर के बीच ये हुई बात...

यार समझा दे इसे, अंदर जाणा है के...

एसआई: ल्या दखा तेरे धोरे के-के कागज सै।

शिकायतकर्ता : वो आरसी ?

एसआई : आरसी, लाइसेंस जो भी है सारी चीज ले आ।

शिकायतकर्ता: डॉम्यूमेंट मंगवाने पड़ेंगे।

एसआई: फेर करने क्या आया है?

शिकायतकर्ता : सर, वो आपने बुलाया था, मैंने सोचा मिल लेता हूं।

एसआई: मेरे ते के मिलना? चेहरा दिखाणा था के मेरे तै? क्यूं भाई

शिकायतकर्ता : गलती तो हो गई है, अब क्या करें।

एसआई: हां? जो तेरे को दंड बताया था, लेके आया?

शिकायतकर्ता: है नहीं। आपके सामने की बात है, सर बाहर गए हुए हैं, कल आएंगे तो तभी कुछ होगा।

एसआई: तुझे किस वास्ते बुलाया है?

शिकायतकर्ता: सर, बता दो मतलब।

एसआई: कल तेरे ते के कहा था, के कहा था मैंने तेरे ते।

शिकायतकर्ता : बिल्कुल

एसआई: मोटरसाइकिल की चाबी दे जा। आरसी मंगानी पड़ेगी या मोटरसाइकिल में है?

शिकायतकर्ता : नहीं-नहीं, घर पर है।

एसआई: मुंह दिखाने आ गया? यार समझा दे इसे अंदर जाणा है के।

काॅन्स्टेबल: ना-ना, समझा दिया मन्ने तरीके से।

एसआई: कल मन्ने समझाया था, इसे समझ नहीं आणी, अब तेरा जमानती है तो ठीक है, नहीं तो अंदर बांध देंगे।

काॅन्स्टेबल: सर 5 हजार मांग रहे हैं।

शिकायतकर्ता: सर, बताओ मैं 8 हजार रुपए महीना कमाने वाला हूं।

काॅन्स्टेबल : मैं तो ना उसके साथ हूं, ना तेरे, मैं ऊंई ही बीच में बैठा हूं बेटा।

शिकायतकर्ता: कितने रुपए लगेंगे?

काॅन्स्टेबल: चल देखता हूं, फाइनल नहीं करता, कोशिश करता हूं कि तेरा काम साढ़े तीन-चार में हो जाए।

खबरें और भी हैं...