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चहेतों को दे दी पसंद की पोस्टिंग दूसरों को वहां भेजा जहां काम नहीं

3 वर्ष पहले
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नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग में अपने चहेतों को मलाईदार पोस्टिंग देने का मामला सामने आया है। नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर तेजदीप सिंह सैनी ने ऐसे ऑर्डर दिए कि मेयर से लेकर इंफोर्समेंट कमेटी के चेयरमैन तक हैरत में हैं। अब भेदभाव करने के आरोप लगने शुरू हो गए हैं। इंफोर्समेंट विंग के 16 सब इंस्पेक्टर्स की पोस्टिंग करने में लापरवाही इस कदर बरती गई कि जो सेक्टर चंडीगढ़ में आज तक बने ही नहीं उनमें एन्क्रोचमेंट हटाने की जिम्मेदारी दे दी गई। यही नहीं जो गांव अभी निगम के दायरे में ही नहीं हैं वहां पर भी ड्यूटी लगा दी गई है।

एक साथ नहीं, दूर-दूर दिए गए एरिया : तेजदीप सिंह ने ऑर्डर में 16 सब इंस्पेक्टर्स को जो एरिया दिया उसमें सूझबूझ नहीं अपनाई गई। ऐसा इसलिए क्योंकि एरिया सीरियल ऑर्डर में नहीं दिए गए हैं। जैसे कि सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को सेक्टर 38, 38 वेस्ट, 39 के साथ ही सेक्टर 45, 46 और 47 दिए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर सब इंस्पेक्टर रतन सिंह को सेक्टर 40 से 43 के अलावा सेक्टर 48 दिया गया है। ऐसे में अगर 40 से 43 तक का एरिया प्रवीण कुमार और 45 से 47 का एरिया रतन सिंह को दिया जाता तो काम ज्यादा एफिशियेंटली होता। क्योंकि ये सेक्टर्स एक दूसरे से जुड़े हैं और कम समय में ज्यादा जगहों से एन्क्रोचमेंट हटाई जा सकती है। सेक्टर-19 में पहले दो सब इंस्पेक्टर्स की स्टैंडिंग ड्यूटी थी क्योंकि 19 में मार्केट ज्यादा होने से ऐसा किया जाता था। लेकिन अब सिर्फ अवतार सिंह गोरिया की ड्यूटी लगी है। इसी तरह सब इंस्पेक्टर जतिंदर पाल सिंह को सेक्टर 11 से 14, 23 से 25 के साथ ही सेक्टर 27 से 29 दे दिया। अब सवाल यह है कि सेक्टर-25 एक कोने में और 29 दूसरे में है। ऐसे में एन्क्रोचमेंट सही तरीके से कैसे हटेगी।

वहां ड्यूटी लगाई जो शहर में सेक्टर ही नहीं: अपने ऑर्डर में तेजदीप सैनी ने सब इंस्पेक्टर्स को उन सेक्टर्स में एन्क्रोचमेंट हटाने की जिम्मेदारी दी जो सेक्टर चंडीगढ़ में हैं ही नहीं। सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 56 से सेक्टर 63 दिए गए हैं, जबकि इनमें सेक्टर 57, 58, 59, 60, 62 तो आज तक चंडीगढ़ में बने ही नहीं। जबकि सेक्टर 61 और 63 का बड़ा एरिया मोहाली में है। ऐसे में राजेश के पास ज्यादा काम नहीं है। वहीं, सब इंस्पेक्टर दर्शन पाल सिंह को 1 से सेक्टर 10 तक, खुड्डा लाहौरा व खुड्डा अली शेर दिया है। सेक्टर 1 से 6 तक तो कोई मार्केट ही नहीं है तो एन्क्रोचमेंट कहां से होगी। खुड्डा अली शेर निगम के दायरे में ही नहीं। इसलिए निगम यहां पर एन्क्रोचमेंट नहीं हटा सकता। ऐसे में दर्शन पाल के पास ज्यादातर काम है ही नहीं।

जोन खत्म कर दागी को ही दे दी ओवरऑल जिम्मेदारी

पिछले कुछ सालों से इंफोर्समेंट विंग में एक इंस्पेक्टर के अंदर तीन जोन इंचार्ज थे। यह जोन इंजार्च एसडीएम ऑफिस ईस्ट, सेंट्रल और साउथ के हिसाब से बनाए गए थे ताकि अगर इन एसडीएम के एरिया में कोई कार्रवाई होनी है तो जोन इंचार्ज की देखरेख में हो सके। इन तीन जोन इंचार्ज के तहत सब इंस्पेक्टर लगाए गए थे। तेजदीप सैनी ने अपने ऑर्डर में जोन पूरी तरह खत्म कर दिए। वहीं, इंस्पेक्टर सुनील दत्त को इंफोर्समेंट विंग का ओवरऑल इंचार्ज बना दिया गया है जबकि उनके खिलाफ पार्किंग के एक मामले में जांच चल रही है।

ऑर्डर सही तरह से नहीं किए गए हैं क्योंकि इससे काम बेहतर तरीके से होने के बजाय उसमें अड़चन आएगी, इसलिए मैंने तेजदीप सैनी से कहा है कि इसे रिव्यू करें और ऑर्डर में भी बदलाव करें। -देवेश मौदगिल, मेयर

यह ऑर्डर चहेतों को फेवर देने के लिए निकाले गए हैं। इसमें मिलीभगत है, वरना ऑर्डर में इतनी कमियां हैं कि साफ नजर आ रही है कि किसी को ज्यादा फायदा पहुंचाने का किसी को साइडलाइन करने के लिए ही ऑर्डर किए गए हैं। -गुरप्रीत ढिल्लों, काउंसलर व पूर्व चेयरमैन इंफोर्समेंट कमेटी

इन सब इंस्पेक्टर्स की ट्रांसफर पिछले कुछ समय से पेंडिंग थी, इसलिए की गई है। मैंने यह एन्शयोर किया कि ट्रांसफर में किसी को फेवर न दी जाए। फिर भी अगर ऑर्डर्स में कोई कमी है तो मैं इसे चेक करवाऊंगा। -तेजदीप सिंह सैनी, जॉइंट कमिश्नर नगर निगम

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