चंडीगढ़ | राइट्स ऑफ पर्सन विद डिसएबिलिटी एक्ट को लागू हुए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन एक्ट के तहत प्रदेश सरकार अब तक नियम नहीं बना पाई है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को चार माह का समय देते हुए नियम बनाने के निर्देश दिए हैं।
ऑल इंडिया ब्लाइंड इंप्लाइज एसोसिएशन ने अर्जी देकर 16 फरवरी 2016 के फैसले को खारिज करने की मांग की थी, जिसके तहत पर्सन विद डिसेबिलिटी अंडर दि पर्सन विद डिसेबिलिटी (इक्वल ऑपरच्युनिटीज, प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स एंड फुल पार्टिसिपेशन) एक्ट के तहत कमिश्नर की नियुक्ति का प्रावधान किया है। याची पक्ष ने कोर्ट में कहा कि कमिश्नर की नियुक्ति की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका है। बावजूद इसके एक साल के लिए दिनेश शास्त्री को कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया। प्रदेश सरकार ने राइट्स ऑफ पर्सन विद डिसेबिलिटी एक्ट की धारा 101 के तहत रूल्स नहीं बनाए हैं। बेंच ने कहा कि वर्ष 2016 का एक्ट 19 अप्रैल 2017 से लागू किया गया। इसके बाद छह माह में रूल्स बनाए जाने चाहिए थे।