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रेप के मामले में आईओ पर फैक्ट्स छुपाने के आरोप, कोर्ट ने भेजा पेशी का समन

3 वर्ष पहले
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नाबालिग से रेप के एक मामले में पहले तो पुलिस समझौते के लिए दबाव बनाती रही। फिर जब एफआईआर की भी तो एक आरोपी को छोड़ दिया, जबकि पीड़िता ने दो लोगों पर आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं पुलिस ने पीड़िता के पिता की कम्प्लेंट के फैक्ट्स भी छुपाए। परिवार के इन आरोपों पर अब जिला अदालत ने केस के इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (आईओ)सब-इंस्पेक्टर नवीन कुमार को बतौर आरोपी पेश होने के लिए समन किया है। आईओ के अलावा कोर्ट ने छह और लोगों को भी समन किया है।

पिछले साल जुलाई में बापूधाम चौकी में नाबालिग के साथ रेप का मामला आया था। इसमें बृजमोहन नाम के व्यक्ति और एक जुवेनाइल पर रेप के आरोप थे। लेकिन पुलिस ने केस केवल जुवेनाइल के खिलाफ दर्ज किया था। इसके बाद अगस्त, 2017 में पीड़ित परिवार ने जिला अदालत में एक प्राइवेट कम्प्लेंट फाइल कर दी। इस कम्प्लेंट पर अब कोर्ट ने बृज मोहन को आईपीसी की धारा 376डी (गैंग रेप), उसके पिता गिरवर, मां सुनहरी, भाई सुनील और एक रिश्तेदार को धारा 506(धमकाना) के तहत बतौर आरोपी पेश होने के लिए कहा। इसके अलावा केस के आईओ नवीन को आईपीसी की धारा 201, 204(सबूत नष्ट करना) के तहत समन किया है।

पीड़िता ने दो पर लगाए थे रेप के आरोप, पुलिस ने केस एक पर ही दर्ज किया

ये था मामला
जुलाई, 2017 की इस शिकायत में नाबालिग के पिता ने बताया था कि सभी काम पर गए हुए थे और पीड़िता घर पर अपनी भाभी के साथ थी। पिता जब घर लौटे तो उन्होंने अपनी बहू से बेटी के बारे में पूछा। बहू ने बताया कि वह छत पर सफाई करने गई है, लेकिन काफी देर से लौटी नहीं। इस पर उन्होंने ऊपर जाकर देखा तो वह मिली नहीं। इतने में पीड़िता की मां भी आ गई। सभी फैमिली मेंबर्स ने मिलकर पीड़िता को ढूंढना शुरू कर दिया। पीड़िता की मां जब ऊपर के कमरे में गई तो देखा कि वहां बृजमोहन और एक जुवेनाइल मिलकर उसकी बेटी के साथ गलत हरकत कर रहे थे। पीड़िता की मां को देखकर दोनों ने उन पर हमला बोल दिया और मौके से भाग गए। इसके बाद बृजमोहन अपने परिवार के साथ पीड़िता के घर पहुंच गया और उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया कि वे पुलिस को इस बारे में कुछ न बताएं।

पुलिस बनाती रही समझौते का दबाव

पिता ने कहा कि पहले तो पुलिस केस ही दर्ज नहीं कर रही थी। वे लगातार समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इसके बाद परिवार ने पब्लिक विंडो पर शिकायत दी जिसके बाद केस बापूधाम चौकी में आईओ नवीन कुमार को जांच के लिए सौंपा गया। इसके बाद पुलिस ने केवल जुवेनाइल के खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया। आरोप के मुताबिक आईओ ने पिता की शिकायत को भी एफआईआर में नहीं शामिल किया।

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