शहर की 36 हजार रोड गलियों की सफाई मंगलवार से होगी शुरू
नगर निगम शहर की वी वन, टू, थ्री, फोर, फाइव और सिक्स रोड किनारे बनी 36 हजार रोड गलियों (बरसाती पानी की निकासी) की सफाई मंगलवार से पिछले साल रखे आउट सोर्स के 50 कर्मचारियों से करवाने लगेगा। इनके टेंडर की अवधि 7 मई को समाप्त हो रही है। पब्लिक हेल्थ विंग की सब डिवीजन नंबर 13, 14, 15, 18, 19 और 21 की ओर से 113 लेबर कर्मचारी आउटसोर्स पर लगाने के लिए 1.45 करोड़ के छह टेंडर एस्टीमेट बन चुके हैं। टेंडर अगले वीक में काॅल किया जाएगा। इसे 25 दिन में अलॉट किया जा सकेगा। टेंडर अलॉट होने वाली कंपनी मई के सेकंड वीक से काम करवाना शुरू कर देगी। इनमें से 60 कर्मचारियों को अक्टूबर तक रखा जाएगा जबकि बाकी 53 कर्मचारी अगले साल 7 मई तक स्टॉर्म और सीवर लाइन की साफ-सफाई करते रहेंगे।
नगर निगम की पब्लिक हेल्थ डिवीजन नंबर-4 की ओर से रोड गलियों की सफाई का अगले वीक से करवाया जाने लगेगा। अभी पिछले साल के टेंडर में से 50 आउटसोर्स कर्मचारी हैं जिनसे अभी पब्लिक हेल्थ डिविजन नंबर चार की सब डिविजन द्वारा सीवर और स्टॉर्म वाॅटर लाइन की मेंटेनेंस का काम करवाया जा रहा है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों को दूसरी सब डिविजन में लगाया हुआ है। इन्हें दूसरे काम से हटाकर रोड गली की सफाई के काम में लगाया जाएगा।
113 कर्मियों का टेंडर अलॉट हो जाएगा: इन कर्मचारियों की वीरवार को सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजय अरोड़ा ने डिविजन नंबर चार की सब डिविजन नंबर 13, 14, 15, 18, 19, 21 के एसडीओ से रिपोर्ट मांग ली है। इन कर्मचारियों को रोड-गलियों की सफाई पर लगाया जाए क्योंकि इनका टेंडर 7 मई तक स्टैंड करता है। रिपोर्ट आते ही आउटसोर्स के सभी कर्मचारियों काे रोड-गलियों की सफाई के काम पर सेक्टर वाइज लगाया जाएगा। इन कर्मचारियों के हटाने तक आउटसोर्स के साल 2018-19 तक के 113 कर्मचारियों का टेंडर अलॉट हो जाएगा। इनसे भी मई माह के दूसरे वीक से काम करवाना शुरु करवाया जाएगा। तभी रोड गलियों की सफाई के काम में तेजी आने लगेगी।
चीफ इंजीनियर ने सभी एसडीओ और एक्सईएन की ली थी मीटिंग: शहर की रोड-गलियों की सफाई करवाने संबंधी चीफ इंजीनियर मनोज बंसल ने सभी एसडीओ और एक्सईएन की मार्च के दूसरे हफ्ते में मीटिंग ली थी। इसमें एसडीओ और एक्सईएन को निर्देश दिए थे कि ऐसे स्पेस आइडेंटिफाई किए जाएं, जहां पर बरसातों में रोड गली और स्टॉर्म वाॅटर लाइन बंद होती हैं या फिर बंद होने के कारण बरसाती पानी काफी समय तक वहां खड़ा रहता है। अगर वहां अतिरिक्त स्टॉर्म वाॅटर लाइन बिछाने की जरूरत होगी तो उसे बिछवाया जाए। इस संबंधी जल्द ही एस्टीमेट बनाकर लाने को कहा गया था लेकिन एसडीओ ने एस्टीमेट बनाने में एक महीना लगा दिया।
प्रशासन के पास हैं कई रोड जिनमें भरता है बरसाती पानी
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के पास शहर की कई रोड हैं जिनमें मध्य मार्ग, जन मार्ग, दक्षिण मार्ग, आउटर दक्षिण मार्ग, पूर्व मार्ग, पश्चिम मार्ग और उत्तर मार्ग के अलावा आईटी पार्क वाली रोड शामिल हैं। इन्हीं रोड पर पब्लिक का ज्यादा आना-जाना लगा रहता है। इन रोड की गलियों की बरसातों से पहले प्रॉपर सफाई नहीं की जाती रही है। इसके कारण इन रोड पर बरसातों में पानी भरा रहता है। इससे इन रोड पर निकलने वालों को बरसातों में दिक्कत बनी रहती है। इन रोड की गलियों को साफ करने के लिए अभी तक प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से कोई प्रपोजल नहीं बनाई गई है।
जो रोड प्रशासन के पास हैं उनकी रोड गलियों की सफाई का काम अगले हफ्ता से विभाग के कर्मचारियों से शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए उन्हें आउटसोर्स पर कर्मचारी रखने के लिए टेंडर लगाने की जरूरत नहीं होती। एमसी के अधिकारियों का कहना है कि सभी छह सब डिविजन का 113 आउटसोर्स कर्मचारी रखने का 1.45 करोड़ का एस्टीमेट बन चुका है। अगले हफ्ता टेंडर लगाया जाएगा। इसके अलॉट होते ही कर्मचारियों को रोड गलियों की सफाई पर लगाया जाएगा। - मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, प्रशासन