जून से 330 सुविधाएं ई-दिशा केंद्र पर, 35 विभागों की जिम्मेदारी तय
अब विभिन्न प्रकार की गवर्नमेंट टू सिटीजन सर्विस के लिए कई विभागों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सभी सुविधाएं प्रदेश के हर जिला मुख्यालय, सब डिवीजन स्तर पर बनाए जाने वाले ई दिशा केंद्रों, गांव-गांव में बनाए अटल सेवा केंद्र में मिलेंगी। किसी भी विंडो पर जाकर सरल साफ्टवेयर के जरिए अप्लाई कर सकेंगे। जब सॉफ्टवेयर पूरी तरह से काम में आ जाएगा तो लोगों को 330 प्रकार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी। अब करीब 200 सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। जून तक सरल के जरिए लोगों को यह सुविधा उपलब्ध होने लगेंगी। पिछले करीब 8 से 10 महीने से इस प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। सभी विभागों के सचिव भी हर माह की स्टेटस रिपोर्ट तैयार करेंगे। किस विभाग में कितनी शिकायत आ रही हैं, कहां पर काम करने की जरूरत है। इसके आधार पर फिर सरकार बजट तय करेगी। मोबाइल से भी सर्विस के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ऐसे में 35 विभागों के 18000 कर्मचारी ऑनलाइन काम करने लगेंगे। एनआईसी हरियाणा, एनआईसी दिल्ली के 200 व्यक्ति इसे फाइनल करने में जुटे हैं।
कुरुक्षेत्र से सीएम ने शुरू किए अंत्योदय भवन
कुरुक्षेत्र | ई-दिशा केंद्रों की तर्ज पर लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिलेगा। शनिवार से कुरुक्षेत्र समेत 7 जिलों में अंत्योदय केंद्रों की शुरुआत हुई। सीएम मनोहरलाल ने बीडीपीओ कार्यालय में कुरुक्षेत्र सहित सात जिलों के केंद्रों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब समाज के अंतिम व्यक्ति को अंत्योदय भवनों से सरकार से संबंधित 221 योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से फरीदाबाद, गुरु ग्राम, करनाल, कैथल, यमुनानगर व जींद के अंत्योदय भवनों का भी शुभारंभ किया।
सुशील भार्गव | चंडीगढ़
अब विभिन्न प्रकार की गवर्नमेंट टू सिटीजन सर्विस के लिए कई विभागों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सभी सुविधाएं प्रदेश के हर जिला मुख्यालय, सब डिवीजन स्तर पर बनाए जाने वाले ई दिशा केंद्रों, गांव-गांव में बनाए अटल सेवा केंद्र में मिलेंगी। किसी भी विंडो पर जाकर सरल साफ्टवेयर के जरिए अप्लाई कर सकेंगे। जब सॉफ्टवेयर पूरी तरह से काम में आ जाएगा तो लोगों को 330 प्रकार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी। अब करीब 200 सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। जून तक सरल के जरिए लोगों को यह सुविधा उपलब्ध होने लगेंगी। पिछले करीब 8 से 10 महीने से इस प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। सभी विभागों के सचिव भी हर माह की स्टेटस रिपोर्ट तैयार करेंगे। किस विभाग में कितनी शिकायत आ रही हैं, कहां पर काम करने की जरूरत है। इसके आधार पर फिर सरकार बजट तय करेगी। मोबाइल से भी सर्विस के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ऐसे में 35 विभागों के 18000 कर्मचारी ऑनलाइन काम करने लगेंगे। एनआईसी हरियाणा, एनआईसी दिल्ली के 200 व्यक्ति इसे फाइनल करने में जुटे हैं।