पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पहलेे फेज में 30 हजार कंज्यूमर्स के बिजली मीटर होंगे स्मार्ट, टेंडर अलॉट

पहलेे फेज में 30 हजार कंज्यूमर्स के बिजली मीटर होंगे स्मार्ट, टेंडर अलॉट

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहर के पहलेे फेज में 30 हजार कंज्यूमर के बिजली मीटर स्मार्ट होंगे। सेक्टर-18 एसटीए बिल्डिंग के एक कमरे में स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) बनाया जाएगा। इन दोनों काम के आरईसी कंपनी (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने टेंडर लोएस्ट रहने वाली कंपनी को अलॉट कर दिए हैं। इसपर जल्द ही काम होने लगेगा।

वहीं 11 केवी सब स्टेशन अपग्रेड करने के टेंडर की अभी तक टेक्निकल बिड नहीं खुली है। इसके खुलने के बाद फाइनेंशियल बिड में लोएस्ट रहने वाली कंपनी को टेंडर अलॉट होगा। स्मार्ट मीटर के लगने से स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) सेंटर में बैठा कर्मचारी ही बिजली बिल जमा नहीं करवाने वालों का कनेक्शन काट सकेगा। मीटर की रीडिंग भी ऑनलाइन होगी। ओवर ड्राॅ करने वाले कंज्यूमर की बिजली भी स्काडा से ही बंद की जाएगी। स्मार्ट मीटर लगने से कंज्यूमर प्री पेड बिलिंग कर सकेंगे।

स्मार्ट मीटर लगने से पब्लिक और प्रशासन को होगा फायदा: शहर में 2.19 लाख बिजली कंज्यूमर हैं। इसमें से पहले फेज में 30 हजार स्मार्ट मीटर लगने का काम अगले महीने तक शुरू हो जाएगा। इन्हें लगाने वाली कंपनी को टेंडर अलॉट हो गया है। स्मार्ट मीटर लगने से बिजली विभाग और कंज्यूमर को फायदा होगा।

अगर कोई बिजली ओवर ड्राॅ या चोरी करेगा तो स्काडा में बैठा हुआ कर्मचारी कनेक्शन काट देगा। प्री पेड बिलिंग की व्यवस्था भी होगी। इसमें कंज्यूमर को एडवांस में पैसे जमा करवाने होंगे। उसके बाद जितनी चाहते बिजली खर्च कर कसेगा। सोलर के लिए अलग से मीटर लगाने की जरूरत नहीं होगी। अभी जो सोलर प्लांट लगवाते हैं अभी उन्हें अलग से मीटर लगवाना पड़ता है। मीटर की रीडिंग स्काडा तक पहुंचेगी। वहां से कंज्यूमर के मोबाइल पर बिल पहुंचने लगेगा।

डेढ़ साल पहले लगे थे टेंडर, लोएस्ट कंपनी चली गई थी कोर्ट, करना पड़ा था टेंडर कैंसिल

प्रशासन के बिजली विभाग की ओर से पहले फेज में 28 करोड़ से सेक्टर 29, 30, 31, 47, इंडस्ट्रियल एरिया फेज वन, टू , बहलाना, हल्लोमाजरा, रायपुर खुर्द , दड़वा और मक्खन माजरा के 30 हजार कंज्यूमर के स्मार्ट मीटर चेंज करवाने, स्काडा और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करने के लिए टेंडर डेढ़ साल से आरईसी कंपनी को अलॉट किया हुआ है। कंपनी की ओर से 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाने, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करने और स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन ) बनाने के लिए टेंडर लगाए गए थे। इसके बाद तीनों टेंडर में 3 कंपनी लोएस्ट रही। उनके रेट के आधार पर आरईसी सी की ओर से दोबारा टेंडर कॉल किए गए। इसके खिलाफ टेंडर में लोएस्ट रहने वाली कंपनी कोर्ट में चली गई। कोर्ट में केस लंबा चलता और प्रशासन का काम कई साल तक शुरू नहीं हो पाता। इसको लेकर आरईसी कंपनी ने 3 टेंडर रद्द कर दिए। इसके बाद बाइ आरई सी द्वारा दोबारा टेंडर काॅल किए।

जल्द अलॉट किया जाएगा टेंडर: चीफ इंजीनियर

शहर के फ़र्स्ट फेज के 30 हजार बिजली मीटर स्मार्ट में चेंज करने, स्काडा स्थापित करने का आरईसी कंपनी ने टेंडर अलॉट कर दिया है। वहीं 11 केवीए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करने का टेंडर भी जल्द ही अलॉट हो जाएगा। स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने से कंज्यूमर और विभाग दोनों को फायदा होगा। -मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर एवं स्पेशल सेक्रेटरी इंजीनियरिंग

राजबीर सिंह राणा | चंडीगढ़

शहर के पहलेे फेज में 30 हजार कंज्यूमर के बिजली मीटर स्मार्ट होंगे। सेक्टर-18 एसटीए बिल्डिंग के एक कमरे में स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) बनाया जाएगा। इन दोनों काम के आरईसी कंपनी (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने टेंडर लोएस्ट रहने वाली कंपनी को अलॉट कर दिए हैं। इसपर जल्द ही काम होने लगेगा।

वहीं 11 केवी सब स्टेशन अपग्रेड करने के टेंडर की अभी तक टेक्निकल बिड नहीं खुली है। इसके खुलने के बाद फाइनेंशियल बिड में लोएस्ट रहने वाली कंपनी को टेंडर अलॉट होगा। स्मार्ट मीटर के लगने से स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) सेंटर में बैठा कर्मचारी ही बिजली बिल जमा नहीं करवाने वालों का कनेक्शन काट सकेगा। मीटर की रीडिंग भी ऑनलाइन होगी। ओवर ड्राॅ करने वाले कंज्यूमर की बिजली भी स्काडा से ही बंद की जाएगी। स्मार्ट मीटर लगने से कंज्यूमर प्री पेड बिलिंग कर सकेंगे।

स्मार्ट मीटर लगने से पब्लिक और प्रशासन को होगा फायदा: शहर में 2.19 लाख बिजली कंज्यूमर हैं। इसमें से पहले फेज में 30 हजार स्मार्ट मीटर लगने का काम अगले महीने तक शुरू हो जाएगा। इन्हें लगाने वाली कंपनी को टेंडर अलॉट हो गया है। स्मार्ट मीटर लगने से बिजली विभाग और कंज्यूमर को फायदा होगा।

अगर कोई बिजली ओवर ड्राॅ या चोरी करेगा तो स्काडा में बैठा हुआ कर्मचारी कनेक्शन काट देगा। प्री पेड बिलिंग की व्यवस्था भी होगी। इसमें कंज्यूमर को एडवांस में पैसे जमा करवाने होंगे। उसके बाद जितनी चाहते बिजली खर्च कर कसेगा। सोलर के लिए अलग से मीटर लगाने की जरूरत नहीं होगी। अभी जो सोलर प्लांट लगवाते हैं अभी उन्हें अलग से मीटर लगवाना पड़ता है। मीटर की रीडिंग स्काडा तक पहुंचेगी। वहां से कंज्यूमर के मोबाइल पर बिल पहुंचने लगेगा।

पूरे शहर के स्मार्ट मीटर , स्काडा पर खर्च होगा 373 करोड़... बिजली विभाग ने पूरे शहर की स्मार्ट बिजली करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट 373 करोड़ 21 लाख बनाकर मिनिस्टरी ऑफ पावर में पिछले साल अप्रूवल के लिए भेजी थी। इसमें स्मार्ट मीटर के 159 करोड़ 96 लाख, एडीएमएस स्काडा के लिए 127 करोड़ 21 लाख और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 86 करोड़ 04 लाख रखे गए थे। इस प्रोजेक्ट को गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के नेशनल स्मार्ट ग्रिड मिशन के तहत बनाया गया था। इसके जरिए प्रशासन को गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से 112 करोड़ और खुद 261 करोड़ खर्च करने हैं। इस प्रोजेक्ट की मिनिस्टरी ऑफ पावर की फाइनेंस पावर कार्पोरेशन की ओर से 280 करोड़ की अप्रूवल दी गई।

खबरें और भी हैं...