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हेलमेट सबके लिए जरूरी है क्योंकि एक्सीडेंट धर्म देखकर नहीं होता

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ में महिलाओं के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी किया जाएगा। इसको लेकर 24 अप्रैल को प्रशासन की तरफ से ड्राफ्ट नोटिफिकेशन की गई थी जिस पर अभी तक कई लोगों के सुझाव आए हैं। लोग इस नोटिफिकेशन पर इस महीने के आखिर तक ऑब्जेक्शन या सुझाव ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट यूटी चंडीगढ़ को भेज सकते हैं। अभी तक करीब 18 लोगों ने ही सुझाव ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को भेजे हैं। इसमें भी मैक्सिमम लोगों ने महिलाओं के लिए भी हेलमेट पहनने के इस फैसले को सही बताया है।

साथ ही प्रशासन से ये मांग भी की है इस फैसले को सिर्फ चंडीगढ़ नहीं बल्कि पंचकूला और मोहाली में भी लागू किया जाना चाहिए। महिलाओं ने ये भी कहा है कि जब चोट लगती है तो वो धर्म नहीं देखती। साथ ही पंजाब और हरियाणा में भी इसको लागू करना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत प्रशासन ने इस फैसले को लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन की थी। हालांकि मैक्सिमम लोगों के सुझाव इस फैसले को लेकर सही आए हैं लेकिन शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी पंजाब की तरफ से प्रशासक से मिलकर उनको ज्ञापन सौंपा गया है जो इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के नेगेटिव है।

ये छूट की जाएगी खत्म: चंडीगढ़ मोटर व्हीकल रुल्स 1990 के रुल 193 में पहले सभी महिलाओं को हेलमेट पहनने से छूट दी गई थी। लेकिन अब इस छूट को प्रशासन खत्म कर रहा है और सभी महिलाओं की जगह छूट में सिर्फ सिख महिलाएं, जिन्होंने टर्बन बांधी होगी, को इस एक्ट के तहत हेलमेट पहनने से छूट मिलेगी।

ये सुझाव या ऑब्जेक्शन आए अभी तक

1. नारी जागृति मंच की तरफ से प्रशासन के फैसले को सही बताया गया है और कहा है कि इसके लिए पंचकूला और मोहाली में भी प्रोविजन करना चाहिए।

2. सेक्टर-21 में रहने वाले एडवोकेट अजय जग्गा ने लिखा है कि ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में सिख वुमन वियरिंग टर्बन लाइन को यूज किया है जबकि इसकी जगह पर वुमन वियरिंग टर्बन लाइन होनी चाहिए। इसके साथ ही इन निर्देशों को सिर्फ चंडीगढ़ में नहीं बल्कि पंचकूला, मोहाली में भी लागू किया जाना चाहिए।

3. सेक्टर-27 में रहने वाले आरके गर्ग ने लिखा कि इस मामले में धर्म को बीच में नहीं लाना चाहिए। को-ऑर्डिनेशन कमेटी बननी चाहिए ताकि ये निर्देश सभी जगह लागू होें। क्योंकि जो पंचकूला या मोहाली से चंडीगढ़ आता है वो अपने घर से ही हेलमेट पहनकर आए। जब विदेशों में जाते हैं तब तो कोई विरोध नहीं होते हैं। साथ ही जब किसी का एक्सीडेंट होता है तब ये देखकर नहीं होता की एक्सीडेंट जिसका हुआ वो कौन से धर्म से है।

4. एक लड़की ने अपना एक्सपीरियंस बताया है जिसमें उसका एक्सीडेंट हुआ था लेकिन हेलमेट पहना हुआ था इसलिए बचाव हो गया था। महिलाओं के लिए भी हेलमेट पहनने के फैसले को उन्होंने सही बताया।

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