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सरकारी स्कूलों में 3821 दिव्यांग बच्चे पर स्पेशल एजुकेटर 1 भी नहीं

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में 3821 दिव्यांग बच्चे पढ़ रहे हैं लेकिन इन बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर की रेगुलर पोस्ट ही नहीं है। काॅन्ट्रैक्ट पर 125 स्पेशल एजुकेटर काम कर रहे हैं और दूसरे टीचर्स को ट्रेनिंग देकर काम कराया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से यह जवाब सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दिया गया। कहा गया कि खेल व दूसरी गतिविधियों में ट्रेनिंग के लिए फिजिकल एजुकेशन टीचर्स और स्पेशल एजुकेटर्स की मदद ली जा रही है। इस पर हाईकोर्ट ने एजुकेशन डिपार्टमेंट को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने पर मीटिंग करने कहा है। मामले पर 9 जुलाई के लिए अगली सुनवाई तय की गई है।

प्रशासन की तरफ से दाखिल जवाब में कहा गया कि प्राइवेट स्कूलों से ईमेल के जरिये आग्रह किया गया था कि दिव्यांग बच्चों के बारे में जानकारी दें लेकिन स्कूलों ने कुल पढ़ रहे बच्चों की जानकारी तो दी लेकिन यह नहीं बताया कि बच्चों को क्या समस्या है। सर्वशिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 125 स्पेशल एजुकेटर्स को काॅन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्ति दी गई है। ये शिक्षक शहर के सभी 114 सरकारी स्कूलों में काम करेंगे। सीबीएसई की तरफ से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर कहा गया कि 12 जून को दिल्ली में देशभर के डीपीआई शामिल होंगे। मीटिंग में सभी से सुझाव लिए जाएंगे।

ये कहा गया है याचिका में

चंडीगढ़ निवासी ज्योति सहगल की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि उनका बेटा दसवीं कक्षा में है। विकलांग होने के चलते जिस तरह स्कूल में पढ़ाया जा रहा है, सीबीएसई उस तरह से बोर्ड की परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा। ऐसे में यह तय होना चाहिए कि जिस तरह विकलांग स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है, उसी तरह उनका एग्जाम होना चाहिए। इसके लिए उसी स्कूल में परीक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए।

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