तापमान 42 डिग्री। सोमवार दोपहर 3.30 से 4.15 बजे तक कई सेक्टर्स, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रिहैबिलिटेशन कॉलोनी व गांवों में बिजली का अघोषित कट लगा दिया गया। इससे लोग पेशान हो गए। यह अघोषित कट चांपा-कुरुक्षेत्र और आगरा- ग्वालियर ग्रिड की लाइनों के ओवर लोडिड होने पर नॉर्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर की वाॅर्निंग पर लगाया गया। शहर में 2.08 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें डोमेस्टिक, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, इंस्टीट्यूशनल शामिल हैं। इनके लिए विभाग के पास सेंट्रल पूल से 255 मेगावाट बिजली ऐलोकेट है। गर्मियों में खपत 400 मेगावाट तक पहुंचने के आसार हैं, लेकिन सोमवार दोपहर 3 बजे बिजली की खपत 330 मेगावाट तक ही पहुंची थी। यानि प्रशासन की ओर से बिजली ओवर ड्राॅ की जा रही थी, लेकिन चांपा- कुरुक्षेत्र और आगरा- ग्वालियर ग्रिड की लाइनें ओवर लोडेड हो गई। इन लाइनों में दो बार ट्रिपिंग हुई। लाइनों के ओवर लोडेड होने से फ्रीक्वेंसी 49.5 हर्ट्स जा पहुंची। इस पर नॉर्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर ने सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के नियमों का हवाला देते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को ओवर ड्राॅ करने पर वाॅर्निंग दे डाली। यह भी कहा कि फौरन 3.30 बजे से 4.15 बजे तक कई सेक्टर्स, कॉलोनियों और गांव के फीडर बंद किए जाएं, जिससे लाइनों पर लोड का असर नहीं पड़ सकेगा। बिजली विभाग के पावर कंट्रोलर की ओर से फौरन कई सेक्टर्स, रिहैबिलिटेशन कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों और गांवों के अलावा इंडस्ट्रीज के फीडर बंद करवाए गए।
यहां लगा बिजली कट: बिजली के ग्रिड की लाइन ओवरलोडिड होने से सेक्टर 7, 15, 18, 19, 21, 22 डी, 23 बी, डी, 24 सी, 26 बापूधाम कॉलोनी, 29, 30 बी, 32 सी, 33 ए, 34 बी, 37 बी, सी, 38 डी, 40 ए, डी, 41 ए, 42 बी , अटावा, 45 सी, बुड़ैल, 47 और 61 के हिस्सों में पौना घंटा तक बिजली कट रहा। इसके अलावा मनीमाजरा, रामदरबार कॉलोनी, हल्लोमाजरा गांव, रायपुर खुर्द, मक्खन माजरा, दड़वा, कजहेड़ी, मलोया गांव एवं कॉलोनी, डड्डूमाजरा कॉलोनी, सारंगपुर, मिल्क कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड धनास, सेक्टर 25 कुम्हार एवं जनता कॉलोनी, पलसोरा कॉलोनी में भी लोगों ने बिजली के आने का इंतजार किया।
बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह का कहना है कि दोपहर को नॉर्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर की ओर से वाॅर्निंग दी गई थी कि चांपा-कुरुक्षेत्र और आगरा-ग्वालियर ग्रिड की लाइनें ओवर लोडेड हो चुकी हैं। ट्रिपिंग भी होने लगी है। फौरन चंडीगढ़ का लोड कम करें। कट लगाया जाए। वहां से डायरेक्शन मिलते ही बिजली के कई फीडर बंद करने पड़े।